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रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल ने भारत की स्काईरूट एयरोस्पेस के साथ दो प्रक्षेपणों के लिए अनुबंध किया

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल ने भारत की स्काईरूट एयरोस्पेस के साथ दो प्रक्षेपणों के लिए अनुबंध किया

अमरीका की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से जुड़ी स्टार्टअप कंपनी रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल ने भारत की स्काईरूट एयरोस्पेस के साथ दो प्रक्षेपणों के लिए अनुबंध किया है। इस परियोजना का उद्देश्य अंतरिक्ष में दर्पण से रात के समय पृथ्वी के कुछ हिस्सों में सूर्य का प्रकाश पहुंचाना है।

कैलिफोर्निया की यह कंपनी इस तकनीक का इस्तेमाल आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तलाश और बचाव अभियान चलाने तथा सौर ऊर्जा संयंत्रों में बिजली उत्पादन का समय बढ़ाने जैसे कार्यों के लिए करना चाहती है।

इन प्रक्षेपणों में स्काईरूट के विक्रम रॉकेटों का इस्तेमाल किया जाएगा। पहला प्रक्षेपण विक्रम-1 रॉकेट से किया जाएगा, जबकि दूसरा कंपनी के निर्माणाधीन विक्रम-1यू प्रक्षेपण यान से होगा। रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल का लक्ष्य पांच किलोमीटर के क्षेत्र में आवश्‍यकतानुसार सूर्य का प्रकाश पहुंचाना है। कंपनी को जुलाई में अपने प्रदर्शन उपग्रह के निर्माण, प्रक्षेपण और संचालन के लिए अमरीका संघीय संचार आयोग से मंजूरी मिली थी।

हालांकि, इस योजना को लेकर पर्यावरण संगठनों ने चिंता व्‍यक्‍त की है। रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल ने कहा है कि परियोजना का विस्तार करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए वह खगोलविदों, स्थानीय समुदायों और नियामक संस्थाओं के साथ परामर्श जारी रखेगी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।