रीवा के बसामन मामा गौवंश वन्य विहार पहुंचे डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल, अतिवृष्टि से जलभराव का लिया जायजा

रीवा। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने शुक्रवार सुबह प्रसिद्ध बसामन मामा गौवंश वन्य विहार का निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले गौमाता की पूजा-अर्चना की और अपने हाथों से गुड़ एवं भूसा खिलाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने पूरे परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने हाल ही में हुई अतिवृष्टि के कारण गौवंश वन्य विहार परिसर में हुए जलभराव की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को जलभराव से उत्पन्न किसी भी तरह की समस्या को दूर करने और आवश्यक सुधार कार्य तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए। गौवंश की देखभाल और स्वच्छता पर जोर
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौवंश के रहन-सहन, हरे चारे, स्वच्छ पानी और पूरे परिसर की स्वच्छता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बारिश और जलभराव के कारण गौवंश को बीमारी या किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम तत्काल किए जाएं।
उन्होंने नए गौ-शेड्स के निर्माण की स्थिति की भी जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और गौ सेवक मौजूद रहे। प्राकृतिक खेती के मॉडल की सराहना उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने गौवंश वन्य विहार परिसर में संचालित प्राकृतिक खेती की गतिविधियों का भी अवलोकन किया।
उन्होंने गौ-संवर्धन के साथ प्राकृतिक खेती के मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि यह पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद और प्राकृतिक कीटनाशक तैयार कर खेती की जा रही है। यह प्रयोग विंध्य क्षेत्र के किसानों के लिए अनुकरणीय उदाहरण है। गौ-आधारित खाद से तैयार उत्पाद गुणवत्तापूर्ण होने के साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कृषि और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि बसामन मामा में प्राकृतिक खेती के सफल प्रयोगों का आसपास के गांवों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि स्थानीय किसान इससे प्रेरणा लेकर प्राकृतिक कृषि को अपनाएं।