रीवा में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में 2 डॉक्टर और 2 नर्सिंग ऑफिसर सस्पेंड, जांच समिति गठित
रीवा। गांधी स्मारक चिकित्सालय रीवा में प्रसूता और उनके गर्भस्थ शिशु की मृत्यु के मामले को उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने गंभीरता से लिया है।
उन्होंने प्रकरण की निष्पक्ष जांच के निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार के साथ निर्धारित चिकित्सकीय प्रोटोकॉल का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रकरण में प्रथम दृष्टया प्राप्त शिकायत और संबंधित तथ्यों के आधार पर दो चिकित्सकों और दो नर्सिंग ऑफिसरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। साथ ही वरिष्ठ चिकित्सकों की जांच समिति गठित की गई है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर तथ्यों के अनुरूप कठोर कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। 26 अगस्त को अस्पताल में हुई थी भर्ती
जानकारी के अनुसार रीवा जिले के ग्राम हटवा निवासी श्रीमती कल्पना मिश्रा को 26 अगस्त 2026 को सुबह करीब 2:38 बजे गांधी स्मारक चिकित्सालय के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उसी दिन रात करीब 11:55 बजे उनकी और उनके गर्भस्थ शिशु की मृत्यु हो गई।
चिकित्सकीय अभिलेखों के अनुसार अस्पताल में भर्ती के समय मरीज का प्लेटलेट काउंट करीब 30 हजार प्रति माइक्रोलीटर था। उनका रक्तचाप अत्यधिक बढ़ा हुआ था और लीवर एंजाइम भी बढ़े हुए पाए गए थे।
चिकित्सकीय जांच के आधार पर टर्म प्रेग्नेंसी के साथ गंभीर प्री-एक्लेम्पसिया, गंभीर थ्रोम्बोसाइटोपीनिया और HELLP सिंड्रोम का निदान किया गया था। परिजनों की शिकायत के बाद कार्रवाई मृतका के परिजनों ने चिकित्सकों पर दुर्व्यवहार और उपचार में लापरवाही के आरोप लगाते हुए शिकायत की थी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ चिकित्सकों की जांच समिति गठित की गई है। ड्यूटी चिकित्सक डॉ. सोनल अग्रवाल, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग और डॉ. निधि पाण्डेय, निश्चेतना विभाग को प्रथम दृष्टया कार्य के प्रति घोर लापरवाही और गंभीर अनुशासनहीनता के आधार पर निलंबित किया गया है।
वहीं नर्सिंग ऑफिसरों के संबंध में प्राप्त दुर्व्यवहार की शिकायत के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। परिजनों की मांग पर कराया गया पोस्टमार्टम परिजनों की मांग पर मृतका और उनके गर्भस्थ शिशु का शव परीक्षण जिला चिकित्सालय एवं चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा की संयुक्त टीम द्वारा किया गया।
आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों शवों को शव वाहन के माध्यम से उनके गृह ग्राम पहुंचाया गया। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।