रीवा- कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने वर्षा से प्रभावित गांवों का किया दौरा

बेलन नदी के जल स्तर में वृद्धि के कारण डीह सहित सात गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया है। नैना और गुरमा का जल स्तर धीरे-धीरे घट रहा है जिससे पानी पुल से नीचे उतर गया है। कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक ने गाड़रपुर्वा, सोनौरी तथा अन्य गांवों का दौरा किया। कलेक्टर ने अधिकारियों को बाढ़ से राहत और बचाव के उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने विभिन्न गांवों में आमजनों से भेंट कर वर्षा और बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि नदी और नालों के जल स्तर में वृद्धि हो रही है। कोई भी व्यक्ति इनके समीप न जाए। आवश्यकता होने पर बाढ़ से सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। राहत केन्द्रों में सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे।
नाव के द्वारा भी नदियों को पार करने का प्रयास न करें। नदी का जल स्तर बढ़ने पर नाव से भी आवागमन पूरी तरह से सुरक्षित नहीं होता है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को नदी के जल स्तर पर नजर रखने तथा ग्रामीणों को वर्षा और नदी के जल स्तर की लगातार जानकारी देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि आम जन किसी भी तरह से घबराहट में न आएं। वर्षा का जोर कम हो गया है। बाढ़ की स्थिति में राहत और बचाव के पूरे प्रबंध किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस अधिकारियों को जलमग्न पुल और पुलिया पर आवागमन रोकने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी जान खतरे में डालकर गहरे पानी में न जाने दें। होमगार्ड्स और एसडीआरएफ की टीम को सतर्क रखें। आवश्यकता होने पर राहत और बचाव कार्य तत्काल करें। जल स्तर बढ़ने के कारण डीह, कैथा, गंथा, बजरा, सोनौरी कटरा, बसहट तथा कठौली गांव प्रभावित हैं। इनमें अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। नदी का जल स्तर बढ़ने पर बाढ़ का खतरा हो सकता है। रेरूआ और गाड़रपुर्वा गांवों में नैना नदी का जल स्तर बढ़ने से जल भराव हो रहा है। निरीक्षण के समय एसडीएम त्योंथर राकेश चौरसिया, एसडीओपी, मनस्वी शर्मा, तहसीलदार राजेश तिवारी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।