भोपाल

रीवा में उपचार में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई: डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं समाप्त, औषधि निरीक्षक निलंबित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
रीवा में उपचार में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई: डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं समाप्त, औषधि निरीक्षक निलंबित

भोपाल/रीवा। रीवा में मरीजों के उपचार में लापरवाही और स्वास्थ्य सेवाओं में अनियमितताओं के मामलों में मध्य प्रदेश सरकार ने कार्रवाई की है। श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा की प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं 16 सितंबर 2026 की अपराह्न से समाप्त कर दी गई हैं। वहीं अथर्व ब्लड सेंटर से संबंधित मामले में औषधि निरीक्षक राधेश्याम बट्टी को निलंबित किया गया है।

डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं समाप्त

डॉ. सोनल अग्रवाल के खिलाफ मरीजों को नर्सिंग होम जाने के लिए बाध्य करने संबंधी शिकायत मिली थी। मामले की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने जांच के बाद उनके विरुद्ध दीर्घशास्ति के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी। प्राप्त स्पष्टीकरण और जांच प्रतिवेदन के परीक्षण के बाद कार्यकारिणी समिति के संकल्प के आधार पर मध्यप्रदेश स्वशासी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयीन शैक्षणिक आदर्श सेवा नियम, 2018 के तहत उनकी सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया गया। आदेश के अनुसार, डॉ. अग्रवाल भविष्य में किसी भी शासकीय या स्वशासी सेवा के लिए अनर्ह होंगी।

औषधि निरीक्षक राधेश्याम बट्टी निलंबित

रीवा में प्रसव के दौरान श्रीमती कल्पना मिश्रा की मृत्यु के संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा गठित जांच समिति की कार्रवाई के क्रम में औषधि निरीक्षक राधेश्याम बट्टी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। उन्हें गंभीर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय उपसंचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला शहडोल कार्यालय निर्धारित किया गया है।

अथर्व ब्लड सेंटर पर आपराधिक प्रकरण के निर्देश

अथर्व ब्लड सेंटर, जिला रीवा से संबंधित अनियमितताओं के मामले में भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधीनस्थ औषधि निरीक्षक के माध्यम से ब्लड सेंटर के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार की ओर से की गई इन कार्रवाइयों का आधार संबंधित मामलों में हुई जांच और जांच समितियों की रिपोर्ट को बताया गया है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।