रोज 50000 रुपये का इनकम, वकालत छोड़ कुत्तों को घूमा रही लड़की
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अगर आपको भी लगता है कि अच्छी कमाई के लिए सिर्फ बड़ी डिग्री और कॉरपोरेट नौकरी जरूरी है, तो ब्रिटेन की लिज़ ईस्ट की कहानी आपको हैरान कर सकती है.
करियर में अच्छी कमाई के बावजूद कई बार काम का तनाव इंसान को पेशा बदलने पर मजबूर कर देता है. ब्रिटेन की 30 साल की लीज ईस्ट के साथ कुछ ऐसा ही मामला पेश आया है.
चार साल तक आपराधिक मामलों में वकालत करने के बाद उन्होंने लगातार तनाव और लंबे काम के घंटों से परेशान होकर अपना करियर बदलने का फैसला किया.
अब वह फुल टाइम डॉग वॉकर हैं और अपने नए काम से रोजाना हजारों रुपये कमा रही हैं.
क्यों छोड़ी वकालत की नौकरी?
ईस्ट के मुताबिक, कानूनी पेशे में काम के दौरान उन्हें कोर्ट, जेल और क्लाइंट से मिलने के साथ-साथ कई तरह के प्रशासनिक काम भी संभालने पड़ते थे.
लंबे काम के घंटों और लगातार दबाव के कारण उन्हें लगने लगा कि यह काम लंबे समय तक जारी रखना मुश्किल है.
इसके बाद उन्होंने अपने पति के डॉग-वॉकिंग और डॉग-बोर्डिंग के काम से खुश होकर खुद भी इस क्षेत्र में कदम रखने का फैसला किया.
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पहले पब में किया काम, फिर शुरू हुआ डॉग वॉकिंग बिजनेस
वकालत छोड़ने के बाद ईस्ट ने शुरुआत में अपने खर्च चलाने के लिए उन्होंने एक स्थानीय पब में नौकरी की और नौकरी के साथ-साथ नए बिजनेस के लिए ग्राहक बनाए.
इसी दौरान उन्होंने धीरे-धीरे पालतू जानवरों की देखभाल की सर्विस शुरू की.
अब रोज 20-30 कुत्तों की देखभाल
करीब एक साल में उनके पास इतने नियमित ग्राहक आ गए कि उनका पूरा शेड्यूल बुक रहने लगा.
अब ईस्ट रोजाना करीब चार ग्रुप वॉक करवाती हैं और हर दिन में करीब 20 से 30 कुत्तों की देखभाल करती हैं.
वह एक कुत्ते के लिए करीब 14
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह कहानी एक 30‑वर्षीय ब्रिटिश वकील की है, जो रोज़ 50,000 रुपये की कमाई के बावजूद तनाव और लंबे काम के घंटों से परेशान होकर वकालत छोड़कर कुत्तों को घुमाने लगी। यह विषय दिखाता है कि उच्च आय वाले पेशों में भी मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समाज में यह सोच बदलने का संकेत देती है कि सफलता सिर्फ डिग्री और कॉरपोरेट नौकरी से नहीं मिलती। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि लोग अपने करियर विकल्पों को फिर से सोचें, मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और संतुलित जीवन की