RPF कॉन्स्टेबल का महिला को पीटते वीडियो वायरल, क्या है मामला?
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तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने हंगामा खड़ा कर दिया है.
इस वीडियो में कथित तौर पर शुक्रवार रात हाफ़िज़पेट रेलवे स्टेशन के बाहर एक RPF कॉन्स्टेबल महिला को डंडे से पीटता और उसके बाल पकड़कर घसीटता हुआ दिख रहा है. इस वीडियो ने लोगों में काफी गुस्सा पैदा कर दिया है.
लोगों ने कॉन्स्टेबल के व्यवहार पर सवाल उठाए और इस कथित घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि झगड़े से पहले महिला ने कथित तौर पर बदतमीजी की थी और अपशब्दों का इस्तेमाल किया था.
उनका कहना है कि कॉन्स्टेबल ने जरूरत से ज़्यादा बल प्रयोग किया और उसका व्यवहार अस्वीकार्य था. उन्होंने उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
लोगों ने जताई नाराजगी वीडियो में महिला के साथ सार्वजनिक रूप से मारपीट होती दिख रही है और कॉन्स्टेबल कथित तौर पर जरूरत से ज़्यादा बल का इस्तेमाल कर रहा है.
इसमें राहगीरों की प्रतिक्रिया भी दिख रही है और उनमें से कुछ लोग अपनी नाराज़गी ज़ाहिर कर रहे हैं.
यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और लोग हैरानी और गुस्से के साथ प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
कुछ लोगों ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) से तुरंत जांच की मांग की है और आरोप सही पाए जाने पर शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है.
रेलवे की तरफ से नहीं आया बयान
रेलवे अधिकारियों ने अभी तक इंटरनेट पर वायरल हो रहे इस वीडियो पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है.
सूत्रों का कहना है कि घटनाओं के क्रम का पता लगाने और दोनों पक्षों के आरोपों की पुष्टि करने के लिए शुरुआती जांच के आदेश दिए गए हैं.
उन्होंने बताया कि अधिकारी स्टेशन के CCTV फुटेज की जांच कर रहे हैं और गवाहों के बयान ले रहे हैं. जांच के दौरान महिला का पक्ष भी दर्ज किया जा रहा है.
जांच जारी होने के कारण कॉन्स्टेबल का नाम अभी तक उजागर नहीं किया गया है.
इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार और जनता, खासकर महिलाओं के साथ निपटने के लिए उनकी ट्रेनिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
सिविल सोसाइटी समूहों ने मा
📡 स्रोत: ABP Live
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
इस घटना से हमें यह सिखने को मिलता है कि शक्ति का दुरुपयोग समाज में गहरी चोट पहुँचाता है। हमें न्याय और सहानुभूति के मार्ग पर चलना चाहिए—किसी भी विवाद को कानूनी रास्तों और संवाद से सुलझाना चाहिए। पीड़ित की गरिमा और सम्मान को बनाए रखने के लिए समाज को सहानुभूति और समर्थन की संस्कृति अपनानी चाहिए। जब हम एकजुट होकर सत्य की खोज करें, तभी हम एक सुरक्षित और समावेशी समाज बना सकते हैं।