RSS ने देशभर में NRC लागू करने की मांग दोहराई:कहा- वोटर लिस्ट की जांच हो, गैर-नागरिकों की पहचान जरूरी
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SIR और जनगणना को लेकर चल रही चर्चा के बीच RSS ने देशभर में NRC लागू करने की मांग दोहराई है। RSS के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा- यह साफ होना चाहिए कि कौन भारतीय नागरिक है और कौन नहीं। दिल्ली के एक कार्यक्रम में आंबेकर ने कहा कि वोटर लिस्ट में गलत तरीके से शामिल गैर-नागरिकों की पहचान जरूरी है।
CAA के तहत पात्र लोगों को नागरिकता दी जानी चाहिए और उनकी पहचान NRC के जरिए होनी चाहिए। आंबेकर ने कहा कि जनसंख्या में बदलाव का संबंध 1947 के विभाजन से है। जनसंख्या संतुलन देश की सांस्कृतिक पहचान, एकता और सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने राजनीतिक दलों से कहा कि राष्ट्रीय मुद्दों का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
आंबेकर ने कहा कि राष्ट्रीय मुद्दों को केवल ‘सेक्युलर बनाम सांप्रदायिक’ बहस तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को देश की एकता, अखंडता, सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान के नजरिए से देखा जाना चाहिए। आंबेकर की स्पीच की 5 बड़ी बातें 1.
NRC से नागरिकों की पहचान जरूरी: आंबेकर ने कहा कि NRC के जरिए भारतीय नागरिकों की पहचान की जा सकती है। उनका कहना था कि अगर किसी को इस प्रक्रिया पर आपत्ति हो तो अदालत समेत कानूनी रास्ते खुले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ राजनीतिक कारणों से किसी गैर-नागरिक को भारतीय नागरिक मानना सही नहीं होगा। 2.
CAA के तहत पात्र लोगों को नागरिकता मिले: उन्होंने पड़ोसी देशों से भारत आए लोगों का जिक्र किया, जो CAA के दायरे में आते हैं। आंबेकर ने पड़ोसी देशों में रह गए SC/ST और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों के उत्पीड़न का भी उल्लेख किया। 3.
जनसंख्या बदलाव को मुस्लिम आक्रमणों से जोड़ा: आंबेकर ने भारत में जनसंख्या बदलाव की शुरुआत मुस्लिम आक्रमणों के दौर से जोड़ी। उन्होंने कहा कि 1947 में धर्म और जनसंख्या के आधार पर देश का विभाजन हुआ था। उनके मुताबिक, आबादी का संतुलन देश की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है। 4.
कानूनों में समानता की बात: आंबेकर ने शादी और बहुविवाह से जुड़े अलग-अलग कानूनी प्रावधानों का जिक्र किया। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 29 और 30 की व्याख्या और स्थानीय निकाय चुनावों में जनसंख्या नियंत्रण से जुड़े नियमों का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि जनसंख्या से जुड़े मामलों में स्पष्ट और समान नीति होनी चाहिए। 5.
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
नागरिकता और पहचान के विषय पर चल रही बहस में RSS ने फिर से देशभर में राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (NRC) लागू करने की मांग की है। यह विषय भारतीय नागरिकता कानून (CAA) के साथ जुड़ा हुआ है, जिसमें गैर-नागरिकों की पहचान और नागरिकता देने के मानदंड तय किये जाने की बात है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि NRC को लागू करने से लाखों लोगों के दस्तावेज़ीकरण और पहचान पर प्रभाव पड़ेगा, और यह राजनीतिक व सामाजिक विवादों को बढ़ा सकता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि नागरिकता के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया लंबी