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रूस को अमेरिका का बड़ा झटका, US संसद में पास हुआ बैन लगाने का बिल, भारत-चीन पर 100% टैरिफ का मंडराया खतरा

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 17 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
रूस को अमेरिका का बड़ा झटका, US संसद में पास हुआ बैन लगाने का बिल, भारत-चीन पर 100% टैरिफ का मंडराया खतरा

US Tariffs on Russia: अमेरिका ने रूस को बड़ा झटका दिया है.

सीनेट के बाद अब प्रतिनिधि सभा ने भी रूस पर प्रतिबंध वाला विधेयक पास किया कर दिया है. सीनेट और प्रतिनिधि सभा भारत में लोकसभा राज्य सभा जैसे होते हैं. अब बिल को राष्ट्रपति ट्रंप के पास भेजा जाएगा.

इससे भारत और चीन पर भी 100% टैरिफ का खतरा मंडराने लगा है.

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने बुधवार को रूस पर नए और कड़े प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को 262 के मुकाबले 159 वोटों से मंजूरी दे दी. अब यह विधेयक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजा गया है.

इस विधेयक में रूस के अधिकारियों और उसकी अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है.

इसे दक्षिण कैरोलिना के दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम के सम्मान में नाम दिया गया है. इस विधेयक को तैयार करने में एक साल से ज्यादा समय तक बातचीत हुई.

रूस पर नए प्रतिबंधों के इस कदम के बीच भारत पर भी 100 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने का खतरा बना हुआ है. #WATCH | The US Congress has passed the sweeping sanctions bill targeting Russia and Iran, officially named the Lindsey O Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026, with a 262-159 vote in the House.

The bill now sits on President Trump’s desk, with his signature...

https://t.co/1vpN1h6P37 pic.twitter.com/MyzDu2KYWX — ANI (@ANI) September 16, 2026 ईरान पर भी खतरा विधेयक को ट्रंप का समर्थन दिलाने में ईरान से जुड़ा एक प्रावधान अहम रहा.

इसमें ईरान पर पहले से लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को पांच साल तक बढ़ाने की ट्रंप की मांग को शामिल किया गया है.

यूक्रेन के पक्ष में सबसे बड़ा कदम ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद यह यूक्रेन के समर्थन में अमेरिका की ओर से उठाया गया सबसे बड़ा विधायी कदम माना जा रहा है.

यह कदम ऐसे समय में आया है, जब 2024 में यूक्रेन के लिए आपातकालीन सहायता पैकेज के बाद करीब दो साल तक अमेरिकी संसद में इस मुद्दे पर गतिरोध बना रहा.

यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने भी इस विधेयक का खुलकर समर्थन किया. मतदान से पहले उन्होंने अमेरिकी सांसदों से इसे मंजूरी देने की अपील की.

सोशल मीडिया पर उन्होंने कहा कि युद्ध के समय कभी-कभी कुछ न करने के बजाय अधूरा या अपूर्ण फैसला लेना बेहतर होता है.

📡 स्रोत: NewsData.io

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