विदेश

'सब कुछ खत्म हो गया, अब मेरा इंतजार करने वाला कोई नहीं बचा', रसुवा से रेस्क्यू किए गए शख्स ने बयां किया दर्द

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 29 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
'सब कुछ खत्म हो गया, अब मेरा इंतजार करने वाला कोई नहीं बचा', रसुवा से रेस्क्यू किए गए शख्स ने बयां किया दर्द

Nepal Floods: नेपाल ने भोटेकोशी में बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने तबाही मचा दी. इस बाढ़ में अब तक 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि करीब 2500 लोग अभी भी लापता हैं. जिनकी तलाश की जा रही है. हालांकि इस बीच ऐसे कई लोगों को बचाव दल ने रेस्क्यू किया है, जिनका पूरा परिवार कुदरत के इस कहर में खत्म हो गया.

इन्हें में ही एक हैं दिबगा तमांग, जो इस भीषण बाढ़ में बच तो गए लेकिन अब उनकी देखभाल करने वाला परिवार में कोई नहीं बचा.

तमांग का पूरा परिवार इस प्राकृतिक आपदा की भेंट चढ़ गया. 'अब मेरा इंतजार करने वाला कोई नहीं बचा' दिबगा तमांग उन आखिरी लोगों में से शामिल हैं जिन्हें बाढ़ के बाद रसुवा से बचाया गया और तीन अन्य लोगों के साथ एयरलिफ्ट करके नेपाल के नुवाकोट में सेना के कैंप में पहुंचाया गया.

दिबगा तमांग कहते हैं, "अब मेरा इंतजार करने वाला कोई नहीं बचा. सब कुछ और हर कोई चला गया. सब खत्म हो गया." बता दें कि बुधवार को हिमालय में ग्लेशियर टूटने से आई सुनामी जैसी बाढ़ ने नेपाल और उससे सटे तिब्बत में भारी तबाही मचाई थी; उसके एक दिन बाद उन्होंने यह बात कही.

दो दिन बाद, हिमालय में आई इस आपदा का दायरा अब सामने आने लगा है. यूनिसेफ के प्रवक्ता रिकार्डो पाइरेस ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा, "दुख की बात है कि हम इस त्रासदी की बस शुरुआत ही देख रहे हैं." इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज के अनुसार, प्रभावित लोगों की संख्या लगभग 93,000 है.

नेपाल में उनके प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख डेविड फिशर ने इस सदमे को "बहुत बड़ा" बताया. 11 सदस्यों वाली भारतीय टीम पहुंची नेपाल बचाव और राहत कार्यों में तेजी आने के साथ ही, स्थानीय अधिकारियों की मदद के लिए शनिवार को 11 सदस्यों वाली एक भारतीय टीम नेपाल पहुंची.

नेपाली सरकार के अनुरोध पर भेजी गई इस टीम में मेडिकल स्टाफ और टनल रेस्क्यू (सुरंग से बचाव) के विशेषज्ञ शामिल हैं, जो सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में चल रहे कार्यों में मदद करेंगे.

यह टीम उन इलाकों में राहत कार्यों में मदद करेगी जो अचानक आई बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और जहां अधिकारी बड़े पैमाने पर बचाव और राहत कार्य चला रहे हैं.

मध्य नेपाल में तबाही का मंजर, 2,500 से ज्यादा लोग लापता बुधवार को रसुवा और मध्य नेपाल के दूसरे इलाकों में बाढ़ आ गई, जिसमें 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और घरों, सड़कों, पुलों और पनबिजली के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा.

नेपाल और तिब्बत (जहां से यह आपदा शुरू हुई) में लगभग 2,500 लोगों के लापता होने की भी खबर है. मुश्किल रास्तों और खराब मौसम के बावजूद बचाव दल प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं.

ये भी पढ़ें: Ground Report: त्रिशूली में सेना का बड़ा एयर-रेस्क्यू ऑपरेशन, 400 से अधिक लोग सुरक्षित निकाले गए, हेलीकॉप्टर बने फरिश्ते नेपाल विदेशी मदद लेने को तैयार वहीं दूसरी ओर पड़ोसी देश नेपाल ने शनिवार को खोज और बचाव कार्यों के लिए विदेशी मदद लेने का फैसला किया.

जिन देशों के नागरिक लापता हैं, उनके बढ़ते दबाव के कारण नेपाल ने अपना पिछला फैसला बदल दिया. 'द काठमांडू पोस्ट' ने एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के हवाले से कहा, "हमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारी दबाव मिल रहा था कि कम से कम खोज-बचाव टीमों और कुछ विशेषज्ञों को आने दिया जाए, क्योंकि बाढ़ में उनके नागरिक भी लापता हो गए हैं." अधिकारी ने आगे कहा कि नेपाल कुछ खास इलाकों में सीमित संख्या में विदेशी विशेषज्ञों को काम करने की इजाजत देगा.

ये भी पढ़ें: Nepal Flash Flood Live Update: नेपाल त्रासदी में बढ़ा मौत का आंकड़ा पहुंचा 600 के पार, हजारों लोगों का अब तक सुराग नहीं

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।