सभी संबंधित विभागों के सहयोग से होगा डलझील का सौंदर्यीकरण: केवल सिंह पठानिया
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सितंबर 19, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश): उप मुख्य सचेतक एवं स्थानीय विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि धर्मशाला की डलझील धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है तथा इसे ‘छोटा मणिमहेश’ के नाम से भी जाना जाता है। यहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि डलझील धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य का भी महत्वपूर्ण केंद्र है।
उन्होंने बताया कि डलझील के जीर्णाेद्धार के लिए 1.50 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जा रही है तथा इसके तहत लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि लगभग 25 वर्षों बाद डलझील में पानी का संचयन संभव हुआ है, जो क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालुओं के लिए खुशी का विषय है। उन्होंने कहा कि डलझील के सौंदर्यीकरण, स्वच्छता, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार तथा पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए भविष्य में सभी संबंधित विभागों के समन्वय से कार्य किया जाएगा।
सांस्कृतिक संध्या में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक कलाकारों ने लोकगीतों, लोकनृत्यों और पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की विविध लोक संस्कृति को जीवंत किया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया और कई प्रस्तुतियों के दौरान पारंपरिक नृत्य कर कार्यक्रम का आनंद लिया।
इस अवसर पर उप मुख्य सचेतक एवं विधायक केवल सिंह पठानिया ने मेला आयोजन समिति को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की। स्थानीय होटल एसोसिएशन की ओर से भी 25 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया। इस अवसर पर वूल फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज ठाकुर, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी, मंदिर समिति के पदाधिकारी, क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।