'सचिन-कोहली की तरह वैभव सूर्यवंशी भी...', पूर्व सिलेक्टर के बयान ने चौंकाया
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वैभव सूर्यवंशी इन दिनों वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा है. हालांकि उन्हें शुरुआती 4 मैचों की प्लेइंग 11 का हिस्सा नहीं मिला है.
इसी बीच टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी और पूर्व चीफ सिलेक्टर चेतन शर्मा ने वैभव की सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे दिग्गजों से तुलना की.
वैभव की तारीफ करते हुए चेतन शर्मा ने कहा कि 15 साल की उम्र में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलना कोई आसान बात नहीं है. इस उम्र में लोग यह तय नहीं कर पाते हैं कि उन्हें क्या करना है.
दिल्ली में स्कूल टोटल टी20 लीग के उद्घाटन समारोह में आईएएनएस के साथ बात करते हुए उन्होंने कहा कि वैभव सूर्यवंशी ने देश का नाम रोशन किया है. 15 साल की उम्र में देश के लिए खेलना आसान नहीं होता है.
इस उम्र में तो लोग सोच रहे होते हैं कि किसमें करियर बनाना है. वह बहुत ही काबिल खिलाड़ी हैं और देश की धरोहर हैं.
कोहली और सचिन की तरह नाम रोशन करेंगे
पूर्व चीफ सिलेक्टर ने आगे बात करते हुए कहा कि बीसीसीआई अच्छे तरीके से उनको संभाल रहा है. उम्मीद करते हैं कि वह धीरे-धीरे बहुत बड़े प्लेयर बनेंगे.
हम उम्मीद करते हैं वैभव भी सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की तरह देश का नाम आगे चलकर रोशन करेंगे.
हमारी दुआएं उनके साथ है.
वैभव सूर्यवंशी का अंतर्राष्ट्रीय करियर
वैभव ने अब तक 8 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेल लिए हैं.
वह फिलहाल भारत के लिए टी20 फॉर्मेट ही खेल रहे हैं.
उन्होंने 8 पारियों में बैटिंग करते हुए 30.75 की औसत और 186.36 के स्ट्राइक रेट से 246 रन बना लिए हैं.
इस दौरान उनके बल्ले से 2 अर्धशतक निकले हैं, जिसमें हाई स्कोर 81 रनों का रहा है.
भारत में नहीं खेला एक भी मैच
वैभव ने सभी 8 टी20 इंटरनेशनल मैच विदेशी सरजमीं पर ही खेले हैं. उन्होंने पिछला मुकाबला 2026 एशियाई खेलों में जापान की सरजमीं पर खेला था.
उन्हें भारत में पहल
📡 स्रोत: ABP Live Khel
💡 पृष्ठभूमि (Background)
विषय यह है कि भारतीय क्रिकेट के पूर्व सिलेक्टर चेतन शर्मा ने युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी की प्रशंसा करते हुए उन्हें सचिन तेंदुलकर व विराट कोहली से तुलना की। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि वैभव अभी टीम इंडिया के वेस्टइंडीज टी20 सीरीज में हिस्सा ले रहे हैं, पर शुरुआती चार मैचों में उन्हें प्लेइंग 11 में नहीं बुलाया गया, जिससे प्रशंसा और विवाद दोनों उत्पन्न हुए। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि युवा खिलाड़ियों के प्रति विश्वास और उम्मीदें बढ़ें, साथ ही चयन प्रक्रियाओं पर चर्चा तेज़ हो, जिससे खेल