सचिन तेंदुलकर के इन 3 रिकॉर्ड्स को कोई नहीं तोड़ पाएगा, विराट-रूट के लिए भी असंभव
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क्रिकेट में कई बड़े खिलाड़ी आए और उन्होंने अपने खेल से खूब नाम कमाया, लेकिन सचिन तेंदुलकर की बात ही अलग है.
सचिन ने करीब 24 साल तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेला और इस दौरान ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिन्हें तोड़ना आज भी आसान नहीं है.
उनके नाम सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने से लेकर सबसे ज्यादा रन बनाने तक के रिकॉर्ड दर्ज हैं.
विराट कोहली और जो रूट जैसे बड़े बल्लेबाज भी अभी सचिन के कुछ बड़े रिकॉर्ड्स से पीछे हैं. यही वजह है कि आज भी सचिन की उपलब्धियों की चर्चा होती है.
सचिन तेंदुलकर के नाम सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने का रिकॉर्ड है. उन्होंने अपने करियर में कुल 664 मैच खेले. इनमें 200 टेस्ट, 463 वनडे और 1 टी20 इंटरनेशनल मैच शामिल है.
सचिन ने 1989 में अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेला था और 2013 में क्रिकेट से विदाई ली. इतने लंबे समय तक देश के लिए खेलना आसान नहीं होता. खिलाड़ी को फिटनेस बनाए रखने के साथ लगातार अच्छा प्रदर्शन भी करना पड़ता है.
सचिन ने ये काम सालों तक किया और इसी वजह से वो इस रिकॉर्ड के मामले में सबसे आगे हैं.
इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा बाउंड्री
सचिन तेंदुलकर ने इंटरनेशनल क्रिकेट में कुल 4340 बाउंड्री लगाईं. इनमें 4076 चौके और 264 छक्के शामिल हैं. सचिन की बल्लेबाजी देखने के लिए फैंस हमेशा उत्साहित रहते थे.
वो मैदान के अलग-अलग हिस्सों में शॉट खेलकर रन बनाते थे. लंबे समय तक क्रिकेट खेलने और लगातार रन बनाने का फायदा उन्हें मिला.
अब इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए किसी बल्लेबाज को कई साल तक शानदार खेल दिखाना होगा.
इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन
इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी सचिन के नाम है. उन्होंने तीनों फॉर्मेट मिलाकर कुल 34,357 रन बनाए.
इसमें टेस्ट के 15,921, वनडे के 18,426 और टी20 इंटरनेशनल के 10 रन शामिल हैं. विराट कोहली भी इंटरनेशनल क्रिकेट में लगातार रन बना रहे हैं और जो रूट टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्र
📡 स्रोत: ABP Live Khel
💡 पृष्ठभूमि (Background)
सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड्स पर चर्चा करते हुए यह खबर बताती है कि 24 वर्षों के अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने जो आंकड़े बनाए, वे आज भी असाधारण हैं। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारतीय और विश्व क्रिकेट के इतिहास में एक मील का पत्थर है, जहाँ केवल कुछ ही खिलाड़ी इस स्तर पर पहुँच पाए हैं। इस रिपोर्ट से आम जनता में गर्व और प्रेरणा की भावना उत्पन्न होगी, खासकर युवा खिलाड़ियों में, जो देखेंगे कि निरंतर प्रयास और समर्पण से असाधारण उपलब्धियाँ संभव हैं।