सड़क चौड़ीकरण के विरोध में व्यापारी, बोले-व्यापार चौपट हो जाएगा:उज्जैन में सर्राफा से लेकर बर्तन बाजार, होटल और रेस्टोरेंट भी बंद, व्यापारियों ने किया प्रदर्शन
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →उज्जैन में महाकाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण के लिए शनिवार रात 1 बजे की गई मार्किंग के विरोध में सोमवार को व्यापारियों ने पूरा बाजार बंद रखा। सोना-चांदी, बर्तन बाजार, होटल और रेस्टोरेंट सहित विभिन्न कारोबार से जुड़े व्यापारी विरोध में शामिल हुए। व्यापारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर सड़क चौड़ीकरण की योजना पर दोबारा विचार करने की मांग की है।
उनका कहना है कि बिना पूर्व सूचना के मार्किंग किए जाने से व्यापारियों में नाराजगी है और जब तक उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाता, उनका विरोध जारी रहेगा। रोजाना 3 करोड़ के कारोबार पर पड़ेगा असर व्यापारियों के मुताबिक इस बाजार में रोजाना करीब 3 करोड़ रुपए का कारोबार होता है। बाजार बंद रहने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान के साथ सरकार को भी राजस्व की हानि होने की आशंका है।
व्यापारियों ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण की योजना लागू होने से बड़ी संख्या में दुकानों और प्रतिष्ठानों पर असर पड़ेगा। व्यापारियों के अनुसार वर्तमान में सड़क करीब 40 फीट चौड़ी है, जिसे बढ़ाकर 65 फीट करने की योजना है। उनका दावा है कि इससे क्षेत्र के करीब 70 प्रतिशत व्यापारियों के प्रतिष्ठान पूरी तरह प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि योजना पर दोबारा विचार किया जाए और व्यापारियों को विश्वास में लेने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए। 10 से 12 फीट तक दुकानें लेने पर कारोबार खत्म होने का डर व्यापारी आनंद सोनी ने कहा कि बाजार में कई दुकानों की चौड़ाई महज 10 से 15 फीट है। ऐसे में यदि दुकानों का 10 से 12 फीट हिस्सा चौड़ीकरण के लिए ले लिया जाता है, तो उनके पास कारोबार करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचेगी।
उन्होंने कहा कि व्यापारी सिंहस्थ कुंभ के दौरान दो महीने तक अपना कारोबार बंद रखने के लिए तैयार हैं, लेकिन वे अपनी दुकानें और आजीविका खत्म होते नहीं देख सकते। व्यापारियों का कहना है कि विकास कार्य के नाम पर उन्हें बेरोजगार होने की स्थिति में नहीं छोड़ा जाना चाहिए। रात 1 बजे मार्किंग करने पर उठाए सवाल व्यापारी नितिन भूतड़ा ने देर रात मार्किंग किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन को बताना चाहिए कि रात 1 बजे नपती करने की जरूरत क्यों पड़ी।
उन्होंने कहा कि यह बाजार काफी पुराना है और इसे तोड़कर बाहर से आने वाले लोगों को क्या दिखाया जाएगा। भूतड़ा ने ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि सड़कों पर कई दिनों से बैरिकेडिंग रखी हुई है। ऑटो, ई-रिक्शा और लोडिंग वाहनों के कारण भी सड़क पर यातायात प्रभावित होता है।
ऐसे में सड़क चौड़ीकरण से पहले प्रशासन को ट्रैफिक मैनेजमेंट सुधारने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि व्यापारियों को बेरोजगारी का सामना न करना पड़े। सिंहस्थ कुंभ के लिए 12 से 20 मीटर चौड़ी होगी सड़क नगर निगम के उपायुक्त संतोष टैगोर ने बताया कि सिंहस्थ कुंभ को देखते हुए महाकाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क को 12 मीटर से बढ़ाकर 20 मीटर करने की तैयारी की गई है।
दूसरी ओर, व्यापारियों का कहना है कि बिना नोटिस दिए निगम की टीम ने मार्किंग शुरू कर दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन बाजार बंद और विरोध जारी रहेगा। व्यापारियों ने प्रशासन से अपील की है कि सड़क चौड़ीकरण की योजना पर पुनर्विचार किया जाए और सभी संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद ही निर्णय लिया जाए।
उनका कहना है कि सिंहस्थ कुंभ के लिए बेहतर यातायात व्यवस्था जरूरी है, लेकिन इसके लिए वर्षों पुराने बाजार और व्यापारियों की आजीविका को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
📡 स्रोत: NewsData.io