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आज भी सड़क के लिए बाट जोह रहा वाढ़ीव गांव, रोज वैतरणा पुल पर मौत से आंख-मिचौली का खेल खेलते हैं लोग!

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 25 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
आज भी सड़क के लिए बाट जोह रहा वाढ़ीव गांव, रोज वैतरणा पुल पर मौत से आंख-मिचौली का खेल खेलते हैं लोग!

मुंबई से कुछ ही दूरी पर स्थित पालघर तालुका का वाढ़ीव गांव आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है. चारों तरफ से वैतरणा खाड़ी से घिरे इस गांव के करीब 4 से 4.5 हजार लोगों को गांव से बाहर निकलने के लिए पश्चिम रेलवे के वैतरणा खाड़ी पर बने रेलवे पुल से जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है.

गांव में रहने वाले नागरिकों के साथ-साथ विद्यार्थियों और मरीजों को भी रोजाना इसी खतरनाक रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है. स्थानीय लोगों के अनुसार, इस जानलेवा सफर के दौरान अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है. वाढ़ीव गांव के पास से मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेसवे, बुलेट ट्रेन परियोजना और पश्चिम रेलवे की लाइन गुजरती है.

आने वाले समय में गांव के पास से तेज रफ्तार वाहन और बुलेट ट्रेन गुजरेंगे, लेकिन गांव के लोगों के लिए आज भी सुरक्षित सड़क उपलब्ध नहीं है. देखिए वाढ़ीव गांव की इस भयावह हकीकत की पूरी कहानी.

📡 स्रोत: News18 Hindi

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