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साधारण बसों में 5 किमी का ‌‌9 तो 20 किमी का लगेगा 25 रुपए किराया; सूची लगाना अनिवार्य

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 11 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
साधारण बसों में 5 किमी का ‌‌9 तो 20 किमी का लगेगा 25 रुपए किराया; सूची लगाना अनिवार्य

भास्कर न्यूज | अंबिकापुर सरगुजा जिले में यात्री बसों द्वारा मनमाना किराया वसूलने की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई। बैठक में परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और बस यूनियन सरगुजा के पदाधिकारी आमने-सामने बैठे। इस दौरान जहां अधिकारियों ने शासन द्वारा तय दरों पर ही किराया लेने के निर्देश दिए, वहीं बस संचालकों ने भी परिचालन से जुड़ी अपनी जमीनी समस्याएं प्रमुखता से रखीं।

पिछले कुछ दिनों से विभाग को शिकायतें मिल रही थीं कि साधारण यात्री बसों में निर्धारित दर से अधिक भाड़ा लिया जा रहा है। इन शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए परिवहन उड़नदस्ता ने बस स्टैंड पर औचक निरीक्षण कर कुछ बसों पर चालानी कार्रवाई की थी। इसी विवाद को सुलझाने और यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से यह संयुक्त बैठक आयोजित की गई, ताकि व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जा सके।

अब तक ज्यादा किराया को लेकर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बैठक में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विनय सोनी ने बस संचालकों को निर्देश दिया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जो किराया दरें तय की गई हैं, उसी के अनुरूप किराया लिया जाए। उन्होंने कहा कि यात्रियों से अधिक भाड़ा लेना नियम विरुद्ध है।

पारदर्शिता के लिए बस संचालकों को परिवहन विभाग की अधिकृत किराया सूची सौंप दी गई है, जिसे सभी बसों में यात्रियों की नजरों के सामने अनिवार्य रूप से चस्पा करना होगा। आरटीओ उड़नदस्ता प्रभारी आशांबर तेज द्विवेदी ने कहा कि यात्रियों की शिकायतों को देखते हुए उड़नदस्ते की चेकिंग बस स्टैंड और विभिन्न रूटों पर जारी रहेगी।

यदि बस में किराया सूची नहीं मिलती है या ओवरचार्जिंग की शिकायत सही पाई जाती है, तो नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सरगुजा संभाग का मुख्यालय अंबिकापुर परिवहन के लिहाज से एक बेहद महत्वपूर्ण और व्यस्त केंद्र है। यहां का अंतरराज्यीय बस स्टैंड न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि कई पड़ोसी राज्यों को सड़क मार्ग से जोड़ने का मुख्य जरिया है।

वर्तमान में इस बस स्टैंड से प्रतिदिन 150 से अधिक यात्री बसों का संचालन किया जा रहा है। यहां से राज्य के प्रमुख शहरों जैसे राजधानी रायपुर और बिलासपुर के लिए तो बसें उपलब्ध हैं ही, साथ ही उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, ओडिशा और कोलकाता (पश्चिम बंगाल) समेत अन्य क्षेत्रों के लिए भी लंबी दूरी की बसें चलती हैं।

प्रतिदिन हजारों यात्री इस अंतरराज्यीय स्टैंड से अपने गंतव्य के लिए सफर करते हैं, जिससे इस मार्ग पर बसों के किराये और सुविधाओं का सीधा असर एक बड़ी आबादी पर पड़ता है। परिवहन विभाग द्वारा बस संचालकों को किराया की नई दरें दे दी गईं हैं। इसमें सुपर लक्जरी एसी बसों में 1 से 5 किमी तक का न्यूनतम किराया 9 रुपए, 10 किमी का 24 रुपए और 20 किमी का 54 रुपए निर्धारित किया गया है।

डीलक्स बसों में शुरुआती किराया 8 रुपए है। इसके बाद 10 किमी के लिए 18 रुपए और 20 किमी के लिए 38 रुपए तय किए गए हैं। साधारण / रात्रिकालीन साधारण बसें में 1 से 5 किमी के लिए 9 रुपए, 10 किमी के लिए 14 रुपए और 20 किमी के लिए 25 रुपए किराया तय किया गया है। भाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किराए की गणना में 50 पैसे से अधिक की राशि आती है, तो उसे अगले राउंड-ऑफ कर दिया जाएगा।

वहीं, 50 पैसे से कम की किसी भी राशि को किराए से छोड़ दिया जाएगा। किराया दरें तय, उसी के अनुरूप लें किराया जानिए...

शासन ने तय की बसों की नई किराया सूची बढ़ती लागत का मुद्दा उठा यह बैठक केवल एकतरफा निर्देशों तक सीमित नहीं रही। बस यूनियन के पदाधिकारियों ने बस संचालन में आने वाली दिक्कतों, डीजल और मेंटेनेंस की बढ़ती लागत और स्टाफ से जुड़ी समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। अधिकारियों ने इन समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की और यूनियन को यह आश्वासन दिया कि उनके जायज मुद्दों पर नियम के दायरे में रहते हुए उचित समाधान निकाला जाएगा।

📡 स्रोत: NewsData.io

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