सागर: शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया राष्ट्रीय खेल दिवस

भारतीय हॉकी के अमर स्तंभ और 'हॉकी के जादूगर' मेजर ध्यानचंद जी की जयंती के उपलक्ष्य में सागर के शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय में राष्ट्रीय खेल दिवस के अंतर्गत एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसकी अध्यक्षता महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. इमराना सिद्दीकी ने की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी प्राचार्य डॉ. इमराना सिद्दीकी ने मेजर ध्यानचंद के जीवन और आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे केवल एक महान खिलाड़ी नहीं, बल्कि अनुशासन, अद्वितीय लगन और राष्ट्रप्रेम के अमर प्रतीक हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी व्यस्त दिनचर्या में से कुछ समय खेल मैदान के लिए जरूर निकालें और खेल भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
महाविद्यालय के खेल अधिकारी डॉ. दयाराम सिंह राजपूत ने जानकारी दी कि 29 अगस्त 1905 को जन्मे बुंदेलखंड के गौरव मेजर ध्यानचंद ने अपनी अद्भुत स्टिक कला के दम पर भारत को 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक खेलों में लगातार तीन स्वर्ण पदक दिलाकर देश का मान बढ़ाया था।
इस अवसर पर डॉ. संगीता मुखर्जी ने राष्ट्रीय खेल दिवस के महत्व को रेखांकित किया, जबकि महाविद्यालय के पूर्व छात्र ऋषिकेश बर्दिया ने कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का सबसे सशक्त माध्यम हैं।
डॉ. संदीप सबलोक ने बताया कि देश में खेल संस्कृति को सुदृढ़ बनाने और युवाओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 29 अगस्त को यह दिवस मनाया जाता है। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन क्रीड़ा अधिकारी डॉ. दयाराम राजपूत ने किया।
इस गरिमामय आयोजन में डॉ. अवधेश प्रताप सिंह, डॉ. अनुरोध चढ़ार, डॉ. नीलम सिंह, डॉ. अभिलाषा जैन, डॉ. संगीता कुंभारे, डॉ. राणा कुंजर सिंह, डॉ. अमितेश सोनी, भगवत प्रसाद अहिरवार सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक, अधिकारी-कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।