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सहकारी बैंकों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार, खाताधारक बढ़ाने पर जोर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सहकारी बैंकों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार, खाताधारक बढ़ाने पर जोर

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सहकारी बैंकों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार, खाताधारक बढ़ाने पर जोर

सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने नए खाताधारक जोड़ने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। एक माह में व्हाट्सएप और तीन माह में मोबाइल बैंकिंग शुरू होगी।

24 सितंबर , पटना (पटना, बिहार) : सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने सहकारी बैंकों के कामकाज और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए बैंकों को आधुनिक, डिजिटल और ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग सेवा प्रदाता के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने नए खाताधारकों को जोड़ने के लिए विशेष शिविर और जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया।

मंत्री ने कहा कि सहकारी बैंक किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए बैंकिंग सेवाओं का विस्तार इस तरह किया जाए कि ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहकों को अधिक से अधिक सुविधाएं मोबाइल और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें।

डिजिटल बैंकिंग के लिए समय-सीमा

समीक्षा के दौरान डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विकास के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई। अधिकारियों को एक माह के भीतर WhatsApp Banking, तीन माह में Mobile Banking और नवंबर तक Thumb Impression के माध्यम से भुगतान की सुविधा विकसित करने का निर्देश दिया गया।

मंत्री ने जमा राशि बढ़ाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच मजबूत करने और अधिक से अधिक लोगों को सहकारी बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने पर भी जोर दिया।

किसानों को सीधे खाते में मिल रही राशि

बैठक में बताया गया कि अधिप्राप्ति के तहत किसानों को फसल खरीद की राशि PFMS के माध्यम से सीधे बैंक खातों में उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, बिहार राज्य फसल सहायता योजना के लाभुक किसानों को सहायता राशि DBT के माध्यम से सीधे खातों में भेजी जा रही है।

4,477 PACS का डिजिटलीकरण

सहकारी समितियों के डिजिटलीकरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। विभागीय जानकारी के अनुसार, पहले चरण में 4,477 प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) का कंप्यूटरीकरण पूरा किया जा चुका है। इससे समितियों के कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी। राज्य के PACS को बहुउद्देशीय संस्थाओं के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

इसके साथ ही 100 PACS को किसान उत्पादक संगठन (FPO) के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया जारी है। इसका उद्देश्य किसानों को बाजार, उत्पादन और आवश्यक संसाधनों से बेहतर तरीके से जोड़ना है।

सहकारी बैंक शाखाओं के विस्तार पर जोर

बैठक में सहकारी बैंकों की शाखाओं के विस्तार की भी समीक्षा की गई। बिहार राज्य सहकारी बैंक की दो नई शाखाओं के लिए RBI से सहमति मिलने की जानकारी दी गई। इनमें पटना एम्स में एक शाखा शुरू हो चुकी है, जबकि दूसरी शाखा खोलने की प्रक्रिया जारी है।

इसके अलावा पात्रता के आधार पर मगध, आरा, सासाराम, मुंगेर-जमुई, बेगूसराय और सुपौल जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में नई शाखाएं खोलने की दिशा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

मोबाइल बैंकिंग लाइसेंस की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश

समीक्षा में बताया गया कि बिहार राज्य सहकारी बैंक के साथ सासाराम-भभुआ जिला केंद्रीय सहकारी बैंक भी मोबाइल बैंकिंग सेवा के लिए पात्र हो गया है। दोनों बैंकों को RBI के PRAVAAH पोर्टल के माध्यम से आवश्यक आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लाइसेंस प्राप्त करने की कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया गया।

नकली नोटों की पहचान के लिए उपकरण लगाने के निर्देश

नकली भारतीय मुद्रा नोटों की पहचान और रोकथाम के लिए सीमावर्ती जिलों के जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों तथा बिहार राज्य सहकारी बैंक की संबंधित शाखाओं में UV Lamp और BIS मानकों के अनुरूप Note Sorting Machine (NSM) स्थापित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, अपर निबंधक (साख) मनोज कुमार सिंह, संयुक्त निबंधक कामेश्वर ठाकुर तथा बिहार राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक अरविन्द कुमार पासवान समेत विभाग और बैंक के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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Caption : सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने नए खाताधारक जोड़ने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। एक माह में व्हाट्सएप और तीन माह में मोबाइल बैंकिंग शुरू होगी।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

सहकारी बैंकों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार एक नई पहल है, जिसमें व्हाट्सएप और मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से खाताधारकों को जोड़ने पर जोर दिया गया है। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ग्रामीण और अविकसित क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देता है, जिससे लोगों को बैंकिंग सुविधाएँ आसानी से उपलब्ध हो सकें। इस पहल से आम जनता को डिजिटल लेनदेन, ऑनलाइन ऋण, और सरकारी योजनाओं तक त्वरित पहुँच मिलेगी, जिससे उनकी आर्थिक गतिविधियाँ सरल होंगी और वित्तीय साक्षरता में वृद्धि होगी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।