सहारनपुर में महिला आयोग ने की जनसुनवाई:6 मामलों की सुनवाई, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य सपना कश्यप ने मंगलवार दोपहर तीन बजे तक सहारनपुर में जनसुनवाई और जागरूकता चौपाल का आयोजन किया। कलेक्ट्रेट स्थित तहसील सदर सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं की समस्याओं को सुना गया।
कुल 6 प्रकरणों की सुनवाई हुई, जिनमें घरेलू हिंसा, राशन कार्ड और पुलिस विभाग से संबंधित मामले शामिल थे। सपना कश्यप ने अधिकारियों को नियमानुसार और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्राधिकारी गंगोह प्रिया यादव और जिला प्रोबेशन अधिकारी दुर्गेश प्रताप सिंह के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
जनसुनवाई के दौरान, तीन मामले घरेलू हिंसा से जुड़े थे, जबकि दो राशन कार्ड से संबंधित थे और एक मामला पुलिस विभाग से संबंधित था। आयोग की सदस्य ने संबंधित अधिकारियों को इन मामलों पर तत्काल कार्रवाई करने और निस्तारण रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यकतानुसार मामलों का फॉलोअप लेने पर भी जोर दिया।
सपना कश्यप ने उपस्थित महिलाओं और स्कूली बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभी को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित विभाग, पुलिस या अन्य सहायता प्रणालियों से मदद लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
बालिकाओं को शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना की जानकारी भी साझा की गई, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी दुर्गेश प्रताप सिंह ने महिलाओं को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया। इनमें निराश्रित महिला पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और उत्तर प्रदेश बाल सेवा योजना जैसी प्रमुख योजनाएं शामिल थीं।
उन्होंने पात्र महिलाओं को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। जनसुनवाई के दौरान अधिनियम-2005, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न,दहेज उत्पीड़न,कन्या भ्रूण हत्या और मानव तस्करी जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर भी जागरूकता फैलाई गई।
महिला कल्याण, समाज कल्याण और शिक्षा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा भी की गई। आयोग की सदस्य ने स्कूली बालिकाओं से सीधा संवाद किया, उनके शैक्षिक लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली और उन्हें भविष्य में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बालिकाएं देश का भविष्य हैं और शिक्षा के माध्यम से वे आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
कार्यक्रम में सीओ गंगोह प्रिया यादव, जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़, सप्लाई इंस्पेक्टर सुरेश त्यागी, जिला समाज कल्याण अधिकारी अक्षमा, प्रभारी महिला थाना बबीता तोमर समेत संबंधित विभागों के अधिकारी, महिलाएं और छात्राएं मौजूद रहीं।
📡 स्रोत: NewsData.io