सहरसा में महिला ने फांसी लगाकर जान दी:मायके वालों ने प्रताड़ना के बाद हत्या का लगाया आरोप; पति दूसरे प्रदेश में मजदूर
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →सहरसा के सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र में 35 वर्षीय महिला ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। मृतका की पहचान मंजू देवी के रूप में हुई है।
वह विराटपुर पंचायत के गाजीपैता भरना टोला निवासी बलराम शर्मा की पत्नी थीं। मंजू देवी तीन बच्चों की मां थीं। उनका मायका पूर्णिया जिले के के नगर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर टेंगरहा वार्ड नंबर 8 में है। उनके पति दूसरे प्रदेश में मजदूरी करते हैं और घटना के समय घर पर नहीं थे। तीन बेटियां दरवाजे पर खेल रही थीं मृतका के ससुर कालू शर्मा ने बताया कि उनके सभी बेटे और बहुएं बच्चों के साथ अलग-अलग रहते हैं।
उनके मुताबिक, मंजू देवी ने घर के एक कमरे को अंदर से बंद करके फांसी लगा ली। उनकी तीनों बेटियां उस समय घर के दरवाजे के पास खेल रही थीं। ससुर ने कहा कि उन्हें खुदकुशी की वजह की जानकारी नहीं है। पुलिस ने मंजू का मोबाइल जब्त किया है। नाबालिग बच्ची के घर से भागने के बाद परेशान करने का आरोप मृतका के भाई मुकेश कुमार ने बताया कि उनके परिवार की एक नाबालिग बच्ची घर से भाग गई थी।
आरोप है कि मंजू ने ही उस बच्ची की किसी लड़के से फोन पर बात कराई थी, जिसके बाद वह घर से भाग गई। मुकेश ने कहा कि इस बात को लेकर मंजू को काफी परेशान किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी प्रताड़ना के कारण उनकी बहन ने खुदकुशी की है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की, ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके।
बच्चों को बिस्कुट देकर कमरे में गई थी मृतका के साथ रहने वाली सावित्री देवी ने बताया कि मंजू ने अपने तीनों बच्चों को अपनी देवरानी (गौतनी) के पास बिस्कुट खाने के लिए दिया था। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गईं। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर परिजनों ने आवाज लगाई। कोई जवाब नहीं मिलने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो मंजू फंदे से लटकी हुई थीं।
इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वजह होगी स्पष्ट सोनवर्षा राज थाना अध्यक्ष नागमणि कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला खुदकुशी का प्रतीत होता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। उन्होंने बताया कि मृतका का पति महाराष्ट्र में मजदूरी करता है।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
मंजू देवी की दुखद कहानी हमें यह सिखाती है कि घरेलू विवादों का समाधान कानूनी मार्ग और संवाद से ही संभव है। जब भावनाएँ उफान पर हों, तो परिवार के भीतर शांतिपूर्ण चर्चा और पेशेवर सहायता से संघर्षों का समाधान खोजें। समाज को चाहिए कि वह मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाए, पीड़ितों के लिए सहारा प्रणालियाँ स्थापित करे और न्यायिक प्रक्रियाओं को तेज़ और पारदर्शी बनाए।