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सहरसा सदर अस्पताल पहुंचे DM दीपेश कुमार:नया पार्क बनेगा, डॉक्टरों की कमी पर राज्य मुख्यालय को लेटर

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 19 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सहरसा सदर अस्पताल पहुंचे DM दीपेश कुमार:नया पार्क बनेगा, डॉक्टरों की कमी पर राज्य मुख्यालय को लेटर

सहरसा सदर अस्पताल में जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने मंगलवार को दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर में नया पार्क बनाने, डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए राज्य मुख्यालय को पत्राचार करने और जलजमाव की समस्या के समाधान सहित कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अस्पताल के सभी वार्डों का गहनता से जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सकों और अन्य कर्मियों के साथ एक समीक्षा बैठक भी की, जिसमें अस्पताल के कामकाज और सुविधाओं पर चर्चा की गई। अस्पताल परिसर में जलजमाव की पुरानी समस्या से निजात पाने के लिए नाला निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। नया पार्क अस्पताल परिसर में बनाने की योजना जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को सड़क निर्माण के संबंध में भी निर्देश दिए। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले वर्ष तक अस्पताल परिसर में जलजमाव की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। सदर अस्पताल के सेंट्रलाइज्ड एसी खराब होने से मरीजों को हो रही परेशानी पर भी ध्यान दिया गया। इस संबंध में विभाग को पहले ही पत्राचार किया गया था और अब एस्टीमेट स्वीकृत हो चुका है। जल्द ही एसी को ठीक करा लिया जाएगा। बिहार में शीर्ष रैंकिंग पर सहरसा सदर अस्पताल अस्पताल परिसर में एक नया पार्क बनाने की योजना है। जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधक को इसके लिए जमीन चिन्हित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नगर निगम को भी पत्राचार किया जाएगा, ताकि अस्पताल आने वाले मरीजों को पार्क में टहलने की सुविधा मिल सके। जिलाधिकारी ने बताया कि सहरसा सदर अस्पताल कायाकल्प योजना में बिहार में शीर्ष रैंकिंग पर रहा है, जो जिले के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने अस्पताल में और सुधार लाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। डॉक्टरों की कमी को लेकर चिंता जताई डीएम ने सदर अस्पताल की इमरजेंसी सहित अन्य वार्डों में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं और सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान ड्यूटी पर अनुपस्थित पाए गए कुछ स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश भी दिए गए। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। जिलाधिकारी ने विभागीय स्तर पर समीक्षा के बाद राज्य मुख्यालय को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराने को कहा, ताकि डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जा सके। साथ ही, उन्होंने निर्देश दिया कि मरीजों को तुरंत रेफर करने के बजाय सदर अस्पताल में ही बेहतर इलाज प्रदान किया जाए।

📡 स्रोत: NewsData.io

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