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साइबर अपराध की शिकायत वाले सरकारी पोर्टल पर ही सुरक्षा चेतावनी, Chrome ने बताया ‘Your connection is not private’

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
साइबर अपराध की शिकायत वाले सरकारी पोर्टल पर ही सुरक्षा चेतावनी, Chrome ने बताया ‘Your connection is not private’

भोपाल। साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत संचालित National Cyber Crime Reporting Portal पर 2 अक्टूबर 2026 को वेबसाइट एक्सेस करते समय गंभीर तकनीकी सुरक्षा चेतावनी सामने आई। पोर्टल खोलने पर Google Chrome ने “Your connection is not private” संदेश प्रदर्शित किया और तकनीकी त्रुटि कोड “NET::ERR_CERT_DATE_INVALID” दिखाई दिया।

यह पोर्टल भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की व्यवस्था का हिस्सा है और इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर गृह मंत्रालय, भारत सरकार का उल्लेख है। पोर्टल पर नागरिक साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करने, शिकायत की स्थिति देखने तथा संदिग्ध मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, वेबसाइट और अन्य डिजिटल पहचानकर्ताओं की जानकारी देने जैसी सुविधाओं का उपयोग करते हैं।

ऐसे में वेबसाइट के HTTPS/SSL certificate की वैधता को लेकर ब्राउज़र की ओर से सुरक्षा चेतावनी सामने आना महत्वपूर्ण तकनीकी सवाल खड़ा करता है। Chrome का “NET::ERR_CERT_DATE_INVALID” संदेश सामान्य तौर पर तब दिखाई देता है जब ब्राउज़र वेबसाइट के TLS certificate की तारीख या उसकी वैधता को सत्यापित नहीं कर पाता।

हालांकि, केवल इस त्रुटि के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि सरकारी पोर्टल हैक हो गया है या किसी नागरिक का डेटा चोरी हुआ है। Certificate की समय-सीमा समाप्त होना, server या CDN configuration में समस्या, certificate chain की गड़बड़ी अथवा अन्य तकनीकी कारण भी ऐसी चेतावनी के पीछे हो सकते हैं। इसलिए मामले की तकनीकी जाँच आवश्यक है।

मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी पोर्टल पर नागरिक साइबर अपराध से संबंधित जानकारी और डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध करा सकते हैं। पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के साथ-साथ शिकायत को track करने की सुविधा भी उपलब्ध है। आधिकारिक पोर्टल पर साइबर अपराध की शिकायतों के लिए अलग-अलग श्रेणियां और Report & Check Suspect जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं।

सरकार से उठने वाले प्रमुख सवाल

  1. 2 अक्टूबर 2026 को National Cyber Crime Reporting Portal पर “NET::ERR_CERT_DATE_INVALID” certificate error क्यों दिखाई दिया?
  2. क्या संबंधित SSL/TLS certificate की validity समाप्त हो गई थी या server configuration में कोई तकनीकी समस्या थी?
  3. क्या I4C या संबंधित तकनीकी एजेंसी ने इस समस्या की जानकारी मिलने के बाद certificate की जाँच की?
  4. क्या certificate configuration की स्वतंत्र security audit कराई गई है?
  5. क्या certificate error के दौरान पोर्टल पर दर्ज की गई नागरिकों की संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रही?
  6. क्या सरकार यह पुष्टि कर सकती है कि इस तकनीकी समस्या के दौरान किसी प्रकार का data breach नहीं हुआ?
  7. क्या certificate expiry और configuration की निगरानी के लिए automated alert system लागू है?
  8. यदि यह केवल अस्थायी तकनीकी समस्या थी, तो ऐसी समस्या दोबारा न हो इसके लिए क्या व्यवस्था की गई है?

साइबर सुरक्षा के लिहाज से मामला क्यों महत्वपूर्ण

National Cyber Crime Reporting Portal कोई सामान्य सरकारी सूचना वेबसाइट नहीं है। इसका उपयोग नागरिक साइबर अपराध की शिकायतों और उनसे संबंधित डिजिटल जानकारी उपलब्ध कराने के लिए करते हैं। इसलिए HTTPS certificate validation में समस्या आने पर नागरिकों के मन में स्वाभाविक रूप से वेबसाइट की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार certificate warning को नजरअंदाज करके “Proceed” विकल्प चुनना और उसके बाद संवेदनशील जानकारी दर्ज करना उचित नहीं है। पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वेबसाइट का certificate सही और वैध है।

क्या सरकारी पोर्टल हैक हुआ?

फिलहाल उपलब्ध evidence के आधार पर ऐसा दावा करना उचित नहीं होगा। सामने आया technical issue certificate validation से संबंधित है। यह अपने आप में hacking या data theft का प्रमाण नहीं है।

हालांकि, सरकारी साइबर अपराध पोर्टल पर इस प्रकार की सुरक्षा चेतावनी सामने आने के कारण संबंधित एजेंसी से स्पष्ट तकनीकी स्पष्टीकरण और certificate configuration की जाँच अपेक्षित है।

Voice of Kranti की ओर से उठाया गया यह सवाल वेबसाइट को फर्जी बताने के लिए नहीं, बल्कि नागरिकों द्वारा संवेदनशील साइबर अपराध संबंधी जानकारी दर्ज किए जाने वाले सरकारी पोर्टल की HTTPS सुरक्षा व्यवस्था पर स्पष्टता मांगने के लिए है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।