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सैंज में पार्वती परियोजना की टनल में रिसाव, रिहायशी इलाकों में घुसा पानी-मलबा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सैंज में पार्वती परियोजना की टनल में रिसाव, रिहायशी इलाकों में घुसा पानी-मलबा

कुल्लू की सैंज घाटी में पार्वती जल विद्युत परियोजना की टनल में रिसाव की घटना सामने आई है। रैला पंचायत में टनल से हुए रिसाव के बाद आसपास के कुछ रिहायशी इलाकों में पानी और मलबा पहुंचने की सूचना है। घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच दहशत का माहौल रहा। जिला प्रशासन ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों की टीम को मौके पर भेजा और स्थिति का जायजा लिया।

जानकारी के अनुसार, पार्वती जल विद्युत परियोजना चरण-दो की रैला स्थित शर्ज शाफ्ट की एडिट-5 टनल में बीती रात रिसाव हुआ। तेज बहाव के चलते आसपास के इलाकों में पानी और मलबा पहुंचा। स्थानीय लोगों के मुताबिक रैला से सिउंड तक कुछ क्षेत्रों में लोग एहतियातन सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। रैला के आसपास कई जगह मलबा जमा होने की भी सूचना है।

घटना के बाद प्रशासन और परियोजना प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया।

कार्यवाहक उपायुक्त एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सुरजीत सिंह राठौर ने बताया कि सूचना मिलते ही एसडीएम बंजार और एनएचपीसी पार्वती परियोजना के महाप्रबंधक समेत संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्तर पर टनल से हो रहे रिसाव को पूरी तरह रोक लिया गया है। रिसाव के कारण जमा हुए मलबे को हटाने के लिए मौके पर आवश्यक मशीनरी तैनात कर दी गई है।

एडीएम ने कहा कि प्रशासन पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी कर रहा है और प्रभावित लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही रिसाव से हुई संभावित क्षति का आकलन किया जा रहा है। मौके के निरीक्षण के बाद एसडीएम बंजार विस्तृत रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपेंगे।

रिपोर्ट के आधार पर क्षति और अन्य पहलुओं का आकलन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

पार्वती जल विद्युत परियोजना के तहत कुल्लू की सैंज घाटी में बनाई गई टनल में रिसाव की घटना सामने आई है, जिससे रैला पंचायत के आसपास के रिहायशी इलाकों में पानी और मलबा पहुंचा है। यह विषय टनल के संरचनात्मक दोष या रखरखाव की कमी से जुड़ा है, जिसके कारण जल और मलबा का रिसाव हुआ। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ऊर्जा परियोजनाओं की सुरक्षा और पर्यावरणीय प्रबंधन पर सवाल उठाती है, और सरकार व परियोजना प्रबंधन पर सार्वजनिक विश्वास को प्रभावित कर सकती है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि आवासीय क्षेत्रों मे

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।