सकलडीहा में हजारों बीघा धान की फसल जलमग्न:तहसीलदार का निरीक्षण, किसानों को मुआवजे का आश्वासन
चंदौली के सकलडीहा क्षेत्र में बंदी डिवीजन की कथित लापरवाही के कारण हजारों बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई है। महज दो दिन की बारिश से खेत तालाब में बदल गए, जिससे सैकड़ों किसानों को भारी नुकसान हुआ है। तहसीलदार और नायब तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर फसलों का निरीक्षण किया और किसानों को मुआवजे का आश्वासन दिया है।
किसानों का आरोप है कि लेहरा-मनिहरा ड्रेन की उचित सफाई न होने के कारण यह स्थिति बनी है। उनके अनुसार, ड्रेन में सिल्ट जमा होने से पानी की निकासी बाधित हो गई है, जिससे धान की फसलें डूब गई हैं। इस समस्या को लेकर किसानों में भारी आक्रोश है। गुरुवार को किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।
उन्होंने बंदी डिवीजन के अधिकारियों पर कार्रवाई करने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। जानकारी के मुताबिक, बंदी डिवीजन के अंतर्गत आने वाली 28 किलोमीटर लंबी लेहरा-मनिहरा ड्रेन की सिल्ट सफाई पर इसी वित्तीय वर्ष में लाखों रुपये खर्च किए गए थे।
हालांकि, किसानों का आरोप है कि सफाई कार्य में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। उनका कहना है कि अधिकारियों और ठेकेदारों ने मिलकर पैसों का बंदरबांट किया और सफाई के नाम पर केवल घास हटाई गई, सिल्ट नहीं निकाली गई। किसानों के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर तहसीलदार अनुराग सिंह और नायब तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद मौके पर पहुंचे।
उन्होंने जलमग्न फसलों का निरीक्षण किया और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने बंदी डिवीजन को लेहरा-मनिहरा ड्रेन से जलकुंभी की सफाई करने का भी निर्देश दिया है।
इस दौरान अवधेश यादव, नंदलाल मौर्य, पप्पू मौर्य, अशोक यादव, कमलेश यादव, बल्लू पासवान, सुभाष यादव, विजेंद्र पासवान, पंचम राम, संजय यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
📡 स्रोत: NewsData.io