सक्ती में नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार
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सक्ती। सक्ती जिले की हसौद पुलिस ने नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 17,500 रुपये के नकली नोट, कलर प्रिंटर और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की है। दोनों आरोपी सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के कोसीर गांव के रहने वाले हैं।
पुलिस के मुताबिक, 23 अक्टूबर को दो युवक एक्टिवा क्रमांक CG 13 AZ 9089 से हसौद के बजरंग चौक स्थित एक डेली नीड्स दुकान पर नकली नोट चलाने पहुंचे थे। दुकान संचालक को नोटों पर संदेह हुआ और उसने उनकी पहचान नकली नोट के रूप में कर पुलिस को सूचना दी। शिकायत के बाद हसौद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के कोसीर गांव के कहरापारा में दबिश देकर नरेश कुमार आदित्य (36) और संजय आदित्य (30) को गिरफ्तार किया।
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने संजय के घर में रखे कलर प्रिंटर से चार-पांच दिन पहले 500 और 100 रुपये के नकली नोट छापने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कुल 80 नकली नोट छापे थे, जिनमें से 79 नोट बरामद किए गए।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 500 रुपये के 24 और 100 रुपये के 55 नकली नोट बरामद किए हैं। इनकी कुल कीमत 17,500 रुपये बताई गई है। इसके अलावा कलर प्रिंटर, नोट छापने का फ्रेम, पेपर, कटर और वारदात में इस्तेमाल की गई एक्टिवा भी जब्त की गई है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
नकली मुद्रा का प्रसार समाज की आर्थिक नींव को कमजोर करता है। इस घटना से यह सिखने को मिलता है कि किसी भी अनैतिक लाभ के लिए कानून की सीमाएँ पार न करें। हमें अपने समुदाय में सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि ऐसे अपराधों के लिए कोई स्थान न रहे। यदि किसी को वित्तीय कठिनाई हो, तो कानूनी मार्गों से सहायता माँगें और भरोसेमंद संस्थाओं से जुड़ें।