साल 1995 का दर्दभरा गाना, नदीम-श्रवण की धुन पर झूमे प्रेमी, कुमार सानू-अलका याग्निक के सुरों से छलनी हुए दिल

90 के दशक में जब बात दर्दभरे नगमों की हो 'अब है नींद किसे अब है चैन कहां' तुरंत जेहन में आ जाता है. समीर के जज्बातों से भरे बोलों को जब संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण ने अपनी धुन दी, तो यह गाना सीधा प्रेमियों के दिलों में उतर गया.
कुमार सानू और अलका याग्निक की मखमली आवाज ने टूटे दिलों के दर्द को जिस खूबसूरती से पर्दे पर उतारा, उसने इस नगमे को हमेशा-हमेशा के लिए यादगार बना दिया.
📡 स्रोत: NewsData.io