अपराध

एक साल से लापता तहजीब की राह तकते परिजन, अहमदपुर पुलिस के आश्वासनों का सिलसिला जारी, देखें वीडियो

लेखक: Aazam Lala अंतिम अपडेट: 2 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
एक साल से लापता तहजीब की राह तकते परिजन, अहमदपुर पुलिस के आश्वासनों का सिलसिला जारी, देखें वीडियो

आजम लाला की रिपोर्ट

भूसे में सुई तलाशने वाली पुलिस को एक साल में नहीं मिला 17 वर्षीय तहजीब का सुराग! परिजनों का आरोप—रसूख और दौलत के आगे कार्रवाई बेअसर

सीहोर। अहमदपुर थाना क्षेत्र के बरखेड़ा हसन गांव की 17 वर्षीय तहजीब के लापता होने का मामला करीब एक साल बाद भी परिवार के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। परिजनों के मुताबिक, तहजीब 12 सितंबर 2025 को स्कूल गई थी, लेकिन वापस घर नहीं लौटी। पिता का कहना है कि वह बेटी को स्कूल छोड़कर गए थे और बाद में जब उसे लेने स्कूल पहुंचे तो वह वहां मौजूद नहीं थी।

परिजनों के अनुसार, उन्हें जानकारी मिली थी कि अफजल नाम का युवक तहजीब को अपने साथ लेकर गया है। इसके बाद 13 सितंबर 2025 को अहमदपुर थाने में शिकायत की गई। परिवार का कहना है कि इसके बाद से वे लगातार अपनी बेटी की तलाश और पुलिस कार्रवाई की जानकारी के लिए अधिकारियों से संपर्क करते रहे हैं, लेकिन अभी तक तहजीब का पता नहीं चल सका है।

परिजनों ने जांच की प्रगति को लेकर उठाए सवाल

तहजीब के पिता का आरोप है कि मामले में अपेक्षित तेजी से कार्रवाई नहीं हुई। उनका यह भी दावा है कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों और सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से भी शिकायत की, लेकिन उन्हें अब तक बेटी के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं मिली।

परिवार की ओर से यह आरोप भी लगाया गया है कि जिस युवक पर तहजीब को साथ ले जाने का संदेह जताया गया है, उसके परिवार की स्थानीय स्तर पर पहुंच है और इसी वजह से मामले की जांच प्रभावित हो सकती है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

पुलिस की ओर से क्या कहा गया

परिजनों के मुताबिक, मामले के केस डायरी अधिकारी यादव ने उन्हें बताया कि संबंधित युवक की लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही है। परिवार का सवाल है कि लंबे समय बीतने के बावजूद तहजीब की तलाश किसी नतीजे तक क्यों नहीं पहुंच सकी।

परिजनों ने एक कथित बातचीत का भी उल्लेख किया है। तहजीब के पिता का दावा है कि थाने में उनसे उनकी बेटी को लेकर कुछ ऐसी बात कही गई, जिससे वे और अधिक चिंतित हुए। इस कथित बयान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पुलिस का आधिकारिक पक्ष इस संबंध में सामने आना बाकी है।

नए थाना प्रभारी से परिवार को उम्मीद

अहमदपुर थाने में नए थाना प्रभारी की पदस्थापना के बाद परिवार को मामले में नए सिरे से कार्रवाई की उम्मीद है। परिजनों का कहना है कि वे चाहते हैं कि उनकी बेटी की तलाश को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए और अब तक हुई जांच की भी समीक्षा की जाए।

परिवार का कहना है कि उनके लिए यह केवल एक पुलिस केस नहीं, बल्कि उनकी बेटी की सुरक्षित वापसी का सवाल है। वे लगातार इस उम्मीद में हैं कि पुलिस जांच के माध्यम से तहजीब का पता लगाया जा सकेगा।

इस मामले में फिलहाल तहजीब के लापता होने के कारणों और उसके वर्तमान ठिकाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड से ही मामले के अंतिम तथ्यों की पुष्टि संभव होगी।

डिस्क्लेमर: इस समाचार में तहजीब के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप और उनके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को उनके पक्ष के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों को प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

सालों से छिपी हुई असुरक्षा को उजागर करना समाज की जिम्मेदारी है। जब किसी परिवार को अनसुलझे सवालों से जूझना पड़े, तो सहानुभूति और संवाद को प्राथमिकता दें। पुलिस के वादों के साथ-साथ नागरिकों को भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए—साक्ष्य जुटाना, पड़ोसियों से पूछताछ करना, और कानूनी सहायता मांगना। हर गायब व्यक्ति के पीछे एक परिवार की आशा है; हमें एकजुट होकर उसकी खोज और न्याय सुनिश्चित करनी चाहिए।

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Aazam Lala

आज़म लाला भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो लंबे समय से जनसमस्याओं और सामाजिक मुद्दों को अपनी पत्रकारिता के माध्यम से सामने लाते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाते हैं।