4 साल की नौकरी से 6 साल की सेवा तक पहुंची अग्निपथ योजना, क्या खत्म होगा पुराना सिस्टम?
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अग्निवीर योजना हमेशा से विवादों में रही है. हालांकि, इस बार सरकार ने 2 साल का एक्सटेंशन देने की घोषणा की है. इसके बाद सेना की तरफ से एक बार फिर बड़ी सफाई जारी की गई है.
उन्होंने साफ किया है कि दो साल बाद यानी 2028 में बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को भी परमानेंट सैनिक के तौर पर सेना में शामिल कर लिया जाएगा.
पहले 25 प्रतिशत को चार साल की पहली अवधि के बाद सेना में समाहित किया जा रहा है, जो इस साल दिसंबर में खत्म होने वाला है. इस योजना की शुरुआत 2022 में हुई थी.
हालांकि, पहली अवधि खत्म होने से पहले ही बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने सभी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को 02 साल के लिए एक्सटेंशन दे दिया है.
खुद केंद्र सरकार के प्रवक्ता और वरिष्ठ मंत्री अश्विनी वैष्णव और सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने मीडिया ब्रीफिंग में अग्निवीर योजना में लाए गए बड़े बदलाव की जानकारी साझा की थी.
इसके बावजूद लोगों के जेहन में अग्निपथ योजना को लेकर कई सवाल थे.
अग्निवीर योजना को लेकर सवालों का जवाब
अग्निवीर योजना को लेकर लोगों के जवाबों पर सेना की तरफ से आधिकारिक सफाई जारी की गई.इसके अलावा अग्निवीरों के लिए समर्पित एक वेबसाइट लॉन्च की गई है.
इसमें चैटबोट के जरिए योजना से जुड़े सवालों के जवाब मिल सकते हैं.
देश की मिलिट्री अफेयर्स से जुड़े एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने एबीपी लाइव को बताया कि अग्निपथ योजना को वापस नहीं लिया गया है.
केवल दो साल की एक और सेवा अवधि शुरू की गई है, जो इस सेवा अवधि के बाद सभी अग्निवीरों को नियमित सैनिकों के रूप में शामिल होने का रास्ता है.
यानी छह साल बाद वे एक सिपाही के तौर पर सेना में शामिल हो जाएंगे, क्योंकि अग्निवीर योजना से पहले, जो भी सैनिक, सेना में शामिल होता था, उसे सिपाही की रैंक मिलती थी.
फिर 08 साल की सेवाओं के बाद नायक और फिर लांस नायक हवलदार और फिर सूबेदार यानी JCO.
75 फीसदी अग्निवीरों क
📡 स्रोत: ABP Live