6 साल पहले उज्ज्वला कनेक्शन, आज तक गैस नहीं मिली:लखनऊ में 1 महीने से चक्कर काट रहे ग्राहक, बार-बार लौटा रहे एजेंसीवाले
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →लखनऊ के रहीमाबाद में मौर्या इंडियन गैस एजेंसी से पिछले एक महीने से ग्राहकों को घरेलू गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। ग्राहक कई दिनों से एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें बार-बार लौटाया जा रहा है। कंफर्म बुकिंगवालों को भी वापस घर भेज दिया जाता है। कुछ ग्राहकों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें 6 साल पहले उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन दिया गया था, लेकिन आज तक न कॉपी दी गई न कोई सिलेंडर।
एजेंसी के बाहर रोजाना ग्राहकों की भीड़ लग रही है लेकिन सब खाली हाथ लौट रहे हैं। मंगलवार को भी एजेंसी के बाहर भीड़ लगी रही। दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने ग्राहकों से बात की। 3 तस्वीरें देखिए- पढ़िए, क्या बोले ग्राहक- कंपनी फोन करती है, एजेंसी से कॉपी नहीं मिल रही ग्राहक अरविंद चौरसिया ने बताया कि उन्हें पिछले 6 साल पहले उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिला था।
लेकिन, उन्हें आज तक गैस सिलेंडर और चूल्हा नहीं मिला है। एजेंसी की कंपनी से हर महीने फोन आता है कि अपनी गैस बुक कराएं और गैस क्यों नहीं लेते हैं। अरविंद ने बताया कि न उन्हें गैस की कॉपी मिली और न ही गैस सिलेंडर-चूल्हा दिया गया। 12 अगस्त की बुकिंग, 8 सितंबर तक नहीं मिला सिलेंडर रहीमाबाद के कुशल खेड़ा निवासी दिलीप ने बताया कि उन्होंने 12 अगस्त को गैस बुकिंग कराई थी।
अगले दिन एजेंसी कर्मचारियों ने फोन पर उनका डीएससी नंबर ले लिया। इसके बाद वह एजेंसी पहुंचा, लेकिन उसे गैस नहीं मिली। तीसरी बार वह 31 अगस्त को फिर से एजेंसी पहुंचा, जहां उसे सिर्फ एक पर्ची बनाकर दे दी गई और कहा गया कि एक-दो दिन में आकर गैस ले लें। आज 8 सितंबर तक भी सिलेंडर नहीं मिला। टालमटोल कर वापस भेज दिया जाता है रहीमाबाद के चंदीखेड़ा निवासी पवन कुमार ने भी बताया कि वह सिलेंडर लेने के लिए कई बार एजेंसी के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें गैस नहीं मिल रही है।
जब वह गैस लेने पहुंचते हैं तो उन्हें टालमटोल कर वापस भेज दिया जाता है। फोन करने पर एजेंसी का नंबर बंद आने लगता है। ग्राहक रवि ने बताया कि वे कई दिनों से एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं। एजेंसी के कर्मचारी हर बार यही कहते हैं कि गैस आज या कल आ जाएगी, लेकिन सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। भास्कर रिपोर्टर ने सभी आरोपों की सत्यता की जांच के लिए एजेंसी में पूछताछ करनी चाही तो वहां केवल एक वर्कर मिला।
एजेंसी मालिक के फोन नंबर पर कॉल किया तो बंद आ रहा था।
📡 स्रोत: NewsData.io