अपराध

सलूंबर जेल में हुआ त्रैमासिक निरीक्षण

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सलूंबर जेल में हुआ त्रैमासिक निरीक्षण

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम ने सलूंबर जिला कारागृह का त्रैमासिक निरीक्षण किया। बंदियों से व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया गया और साफ-सफाई व स्वास्थ्य को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए।

सलूंबर, 5 अक्टूबर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सलूंबर के अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद चौधरी के नेतृत्व में टीएलएससी बोर्ड विजिटर्स ने सोमवार को जिला कारागृह सलूंबर का त्रैमासिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जेल की व्यवस्थाओं, बंदियों की सुविधाओं, स्वास्थ्य और भोजन व्यवस्था का जायजा लिया गया।

इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विनीत कुमार, वरिष्ठ मुंसरिम अशोक कुमार कुमावत, लिपिक ऋषि मीणा, LADC महेश जोशी और सहायक संचित सुहालका सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान जिला कारागृह में कुल 77 बंदी निरुद्ध पाए गए। विजिटर्स ने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनके हाल-चाल जाने और जेल में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। बंदियों से भोजन, पानी, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी फीडबैक लिया गया। बंदियों ने भोजन सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर किसी प्रकार की शिकायत नहीं बताई।

निरीक्षण के दौरान एक बंदी ने स्वास्थ्य संबंधी शिकायत रखी। इस पर जेल प्रभारी ने बताया कि संबंधित बंदी का उपचार जारी है और उसके स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जा रही है।

वहीं निरीक्षण के दौरान एक टीबी संक्रमित बंदी के पास स्वस्थ बंदी के मिलने की स्थिति सामने आई। इस पर टीम ने तत्काल संक्रमित बंदी को अन्य बंदियों से अलग रखने के निर्देश दिए, ताकि संक्रमण फैलने की आशंका को रोका जा सके और आवश्यक स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन हो।

टीम ने जेल परिसर के बाहर की साफ-सफाई व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। परिसर के बाहर सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा नियमित रूप से सफाई सुनिश्चित करने के लिए सफाईकर्मी लगाने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण दल ने जेल प्रशासन को बंदियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने तथा समय-समय पर व्यवस्थाओं की समीक्षा करते रहने के निर्देश दिए। निरीक्षण का उद्देश्य जेल में बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की स्थिति जानना और आवश्यक सुधार सुनिश्चित करना रहा।

बाइट - रामेश्वर प्रसाद चौधरी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सलूंबर के अध्यक्ष न्यायाधीश

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

जेल निरीक्षण से यह स्पष्ट होता है कि बंदियों की आवाज़ें सुनना और स्वच्छता, स्वास्थ्य पर ध्यान देना समाज के लिए एक मिसाल है। इसी तरह, हमारे रोज़मर्रा के विवादों में भी संवाद, कानूनी मार्ग और संयम से समाधान ढूँढना चाहिए। जब हम सहानुभूति और जवाबदेही के साथ कार्य करते हैं, तो न केवल अपराध कम होता है, बल्कि समाज में विश्वास और शांति भी बढ़ती है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।