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समस्तीपुर-छेड़छाड़ के चौथे आरोपी के घर चला बुलडोजर:नोटिस के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया; 3 आरोपियों के घर हो चुकी कार्रवाई

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 30 सितंबर 2026 👁️ 3 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
समस्तीपुर-छेड़छाड़ के चौथे आरोपी के घर चला बुलडोजर:नोटिस के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया; 3 आरोपियों के घर हो चुकी कार्रवाई

समस्तीपुर में नाबालिग से बदसलूकी के मामले में प्रशासन ने मुख्य आरोपी विकास कुमार शर्मा के घर पर बुधवार को बुलडोजर चलाया। सरकारी जमीन पर बने मकान को लेकर प्रशासन ने विकास के परिजनों को दो बार नोटिस जारी किया था। पहली बार 26 सितंबर को 24 घंटे का नोटिस दिया गया था। इसके बाद 27 सितंबर को 72 घंटे का दूसरा नोटिस जारी किया गया।

इसमें विकास के परिवार को अतिक्रमण हटाने के लिए 72 घंटे का समय दिया गया था। सदर SDPO राकेश कुमार ने बताया कि निर्धारित समय-सीमा पूरी होने के बाद भी विकास के परिजनों ने अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने अपने स्तर से कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। बुलडोजर एक्शन की कुछ तस्वीरें देखिए…

जमीन की मापी के दौरान पक्के मकान का कुछ हिस्सा अवैध पाया गया प्रशासन के अनुसार, जमीन की मापी के दौरान विकास कुमार शर्मा के पक्के मकान का कुछ हिस्सा सरकारी जमीन पर बना पाया गया था। मकान पक्का और बड़ा होने के कारण उसे तत्काल नहीं हटाया गया। नियमानुसार पहले नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने का मौका दिया गया।

इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर दूसरी नोटिस जारी की गई। तीन आरोपियों के घर पहले ही चल चुका है बुलडोजर सदर SDPO राकेश कुमार ने बताया कि विकास कुमार शर्मा, राहुल पासवान, अवधेश पासवान और रामबाबू सहनी के मकान सरकारी जमीन पर बने होने की सूचना मिली थी। इसके बाद अंचल कार्यालय की टीम ने जमीन की मापी कराई।

मापी के दौरान सरकारी जमीन पर निर्माण की पुष्टि होने के बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। राहुल पासवान, अवधेश पासवान और रामबाबू सहनी के मकान का जो हिस्सा सरकारी जमीन पर बना था, उसे प्रशासन ने हटा दिया। इनमें अधिकांश निर्माण झोपड़ी और कच्चे ढांचे के थे, इसलिए उन्हें तत्काल हटाया गया।

रामबाबू सहनी के घर के पास सरकारी जमीन पर बनी चाय की दुकान को भी हटाया गया। वहीं, विकास कुमार शर्मा का मकान पक्का और बड़ा होने के कारण उसे हटाने से पहले नियमानुसार नोटिस जारी किया गया। नोटिस के जरिए अतिक्रमण हटाने के लिए निर्धारित समय दिया गया था। अवधेश की PDS दुकान का लाइसेंस रद्द मामले में गिरफ्तार अवधेश पासवान की जनवितरण प्रणाली (PDS) दुकान का लाइसेंस भी सदर SDPO ने तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया था।

अवधेश पर नाबालिग से बदसलूकी के म

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

समस्तीपुर के इस मामले से हमें यह सिखने को मिलता है कि जब किसी की संपत्ति पर अवैध कब्जा हो, तो कानूनी रास्ते अपनाने चाहिए—नोटिस, अदालत, और आवश्यक होने पर पुलिस सहायता। हिंसा और बल प्रयोग से केवल स्थिति बिगड़ती है। समाज में सहानुभूति और संवाद को बढ़ावा दें, ताकि पीड़ितों को न्याय मिले और अपराधियों को सुधार का अवसर। यह हमें याद दिलाता है कि कानून के प्रति सम्मान ही सामाजिक शांति का आधार है।

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