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समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से ग्रामीणों का विश्वास जीतें चिकित्सक, मैदानी अमले से सतत संवाद बनाए रखें – उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 31 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से ग्रामीणों का विश्वास जीतें चिकित्सक, मैदानी अमले से सतत संवाद बनाए रखें – उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल

भोपाल, 31 अक्टूबर। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और मरीजों का सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा मजबूत करने के लिए उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सीधी, सिंगरौली और डिंडोरी में पदस्थ बॉन्डेड चिकित्सकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। उन्होंने चिकित्सकों से समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने, स्वास्थ्य कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने और आशा, एएनएम तथा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने का आह्वान किया।

भोपाल स्थित निवास कार्यालय से हुए संवाद में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकों की भूमिका केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास और नियमित जांच की आदत विकसित करना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। चिकित्सक संवेदनशीलता और सेवाभाव के साथ काम करें, ताकि जरूरतमंदों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके।

मातृ-शिशु स्वास्थ्य और राष्ट्रीय कार्यक्रमों पर विशेष जोर

उपमुख्यमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान, राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन, एनीमिया मुक्त भारत सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने नियमित स्क्रीनिंग, समय पर जांच, उपचार और जन-जागरूकता गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने को कहा।

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए उन्होंने प्रत्येक गर्भवती महिला की शत-प्रतिशत प्रसवपूर्व जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत प्रत्येक माह की 9 और 25 तारीख को उपलब्ध निःशुल्क जांच सुविधाओं का लाभ सभी पात्र महिलाओं तक पहुंचाने के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

उपमुख्यमंत्री ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की समय पर पहचान और उन्हें आवश्यकतानुसार उचित चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत करने को कहा। इसके लिए मैदानी स्वास्थ्य अमले के साथ सतत संवाद और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने के निर्देश दिए।

ई-संजीवनी और टेलीमेडिसिन से मिलेगी विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति नागरिकों का विश्वास तभी बढ़ेगा, जब उन्हें समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलेगा। उन्होंने हब एंड स्पोक मॉडल को प्रभावी बनाने तथा टेलीमेडिसिन और ई-संजीवनी का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को भी विशेषज्ञ चिकित्सकों का परामर्श उपलब्ध कराया जा सकेगा।

उन्होंने गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया। इसके तहत उच्च रक्तचाप, मधुमेह तथा मुख एवं स्तन कैंसर की निःशुल्क जांच का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सेवाओं को सक्रिय रखने के निर्देश दिए।

तीन जिलों में 91 नए बॉन्डेड डॉक्टर पदस्थ

संवाद के दौरान जानकारी दी गई कि सीधी जिले में 16, सिंगरौली में 54 और डिंडोरी में 21 नए बॉन्डेड चिकित्सकों की पदस्थापना की गई है। उपमुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से उनके कार्यक्षेत्र का फीडबैक भी लिया।

सीधी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनजारी में पदस्थ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि उनकी पदस्थापना के बाद स्थानीय लोगों में उत्साह बढ़ा है और ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरखरा में पदस्थ डॉ. आदित्य गौतम ने भी मरीजों की संख्या में धीरे-धीरे वृद्धि होने की जानकारी दी।

डिंडोरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जामगांव में पदस्थ डॉ. शीतल बामनके ने ग्रामीणों की सेवा करने को संतुष्टि का अनुभव बताया। वहीं, सिंगरौली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गन्नई में पदस्थ डॉ. नितिश कुमार गुप्ता ने बताया कि वहां प्रतिदिन लगभग 25 से 30 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोरसर में पदस्थ डॉ. सुभाष सिंह चंदेल ने बताया कि लंबे समय से डॉक्टर की उपलब्धता नहीं होने के कारण उनकी पदस्थापना पर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रसन्नता व्यक्त की।

चिकित्सकों को सुविधाएं और अनुकूल कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश

उपमुख्यमंत्री ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई, सहयोगी स्टाफ और अन्य मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों से बॉन्डेड चिकित्सकों को काम करने के लिए आवश्यक सहयोग और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने को कहा।

उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि मरीजों के प्रति संवेदनशीलता, आत्मीयता और सम्मानपूर्ण व्यवहार भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चिकित्सक की मधुर वाणी और सेवाभाव मरीज के आधे कष्ट को दूर कर सकते हैं। ग्रामीणों के विश्वास को बनाए रखने के लिए चिकित्सक पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

पंचायतों की सहभागिता से मजबूत होगा सुरक्षित मातृत्व अभियान

उपमुख्यमंत्री ने सुमन पंचायत कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायतों को प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पंचायत स्तर पर जागरूकता और सहभागिता बढ़ाई जाए। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित करें।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा, डिंडोरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, जिला पंचायत सिंगरौली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तीनों जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा संबंधित विभागीय और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।