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समुद्री जहाजों और नाविकों पर हमलों पर भारत ने जताई चिंता

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
समुद्री जहाजों और नाविकों पर हमलों पर भारत ने जताई चिंता

सितंबर 27, नई दिल्ली: खाड़ी क्षेत्र, लाल सागर और काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर बढ़ते हमलों को लेकर भारत ने चिंता जताई है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि ये घटनाएं अब अलग-अलग मामले नहीं रह गई हैं। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान 'जहाजों और नाविकों की सुरक्षा एवं संरक्षा पर मित्र समूह' की पहली बैठक को संबोधित करते हुए डॉ.

जयशंकर ने समुद्री सुरक्षा मजबूत करने पर जोर दिया। विदेश मंत्री ने भारत और लाइबेरिया की संयुक्त पहल की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर अधिक ध्यान देना और समुद्री सुरक्षा को बेहतर बनाना है।डॉ. जयशंकर ने ओमान की खाड़ी में बल्क कैरियर एमवी केप दाओ पर हुए हमले का जिक्र किया, जिसमें एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी।

उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर एल गैया पर हुए हमले का भी उल्लेख किया, जिसमें एक भारतीय चालक दल सदस्य के लापता होने की खबर सामने आई थी। विदेश मंत्री ने कहा कि समुद्री व्यापार को प्रभावित करने वाले और नागरिकों की जान लेने वाले हमलों को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने देशों से मिलकर ऐसे हमलों को रोकने और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

फोटो- विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर (फाइल फोटो)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

समुद्री जहाजों और नाविकों पर लगातार बढ़ते हमले खाड़ी, लाल और काला सागर में हुए हैं, जिससे वैश्विक व्यापार मार्गों की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि इन हमलों से न केवल व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा खतरे में है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और शिपिंग उद्योग पर भी गहरा प्रभाव पड़ सकता है। आम जनता पर इसका असर दो‑तरफ़ा है: एक ओर व्यापार लागत बढ़कर वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ेगा, दूसरी ओर नौवहन सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और भारत की विदेश नीति में समुद्री सुरक्षा को प्

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।