अपराध

सनसनीखेज अपहरण कांड, चीखता रहा युवक, बुलेरो में बैठाकर दी तालिबानी सजा

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 14 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सनसनीखेज अपहरण कांड, चीखता रहा युवक, बुलेरो में बैठाकर दी तालिबानी सजा

जबलपुर. एमपी के जबलपुर में चरगवां स्थित सेमरा गांव में सनसनीखेज घटनाक्रम सामने आया है.

यहां पर बीती रात 9 बजे के लगभग अरविंद गौड़ नामक युवक अपने दोस्तों के साथ भूरा गौड़ के मकान के सामने बैठा हुआ था.

तभी अचानक एक सफेद रंग की बुलेरो कार से आए बदमाशों ने अरविंद को पकड़कर घसीटते हुए कार में बिठाया और भाग निकले.

अरविंद को कार में बिठाते देख दोस्तों में हड़कम्प मच गया, खबर मिलते ही परिजन आ गए, जिन्होने पुलिस को खबर दी. पुलिस ने बुलेरो सवार बदमाशों को तलाश करते हुए गिरफ्तार कर अरविंद को बचा लिया.

अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटे अरविंद ने बताया कि बुलेरो सवार आरोपी उसे बरेला हिनौतिया के सुनसान इलाके में ले गए.

कार से घसीटकर नीचे उतारने के बाद महेंद्र झारिया ने बेसबॉल के डंडे से बेदर्दी से उसकी पिटाई की.

वहीं, राजा सेन हाथ में चमचमाता चाइना चाकू लहराकर उसे जान से मारने की धमकियां दे रहा था.

इस वहशियाना हमले के बाद अधमरी हालत में अरविंद को सड़क किनारे फेंककर सभी आरोपी बुलेरो से फरार हो गए.

मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों ने नाकेबंदी के बीच जख्मी हालत में पैदल लौट रहे अरविंद को बरामद कर उसके बयान दर्ज किए गए.

इसी बीच मुखबिर से सटीक इनपुट मिला कि खोखा रोड नहर के पास एक संदिध सफेद बुलेरो खड़ी है.

पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए मौके पर दबिश दी और नहर किनारे छिपे बैठे दोनों मुख्य आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ लिया.

सलाखों के पीछे पहुंचे मास्टरमाइंड- पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजा सेन (23) निवासी गंगई और महेंद्र उर्फ गोलू झारिया (32) निवासी सेमरा के रूप में हुई है. पुलिस की सख्त पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया.

पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बुलेरो कार, बेसबॉल का डंडा और चाइना चाकू जप्त कर लिया है.

धारा 140(3) बीएनएस के तहत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जा रहा है, जबकि वारदात में शामिल 2 अन्य फरार साथियों की तलाश में पुलिस रात-दिन छापेमारी कर रही है.

📡 स्रोत: NewsData.io

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🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

अपराध की चपेट में फंसे हर एक व्यक्ति को याद दिलाना चाहिए कि हिंसा का कोई समाधान नहीं होता। जब संघर्ष हो, तो कानूनी रास्ते, मध्यस्थता और संवाद को प्राथमिकता दें। समाज में सहानुभूति और परस्पर सम्मान की भावना को बढ़ावा देकर हम अपराध को रोक सकते हैं। पीड़ित के प्रति संवेदना रखते हुए, हम सभी को मिलकर शांतिपूर्ण और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण की प्रेरणा देनी चाहिए।

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