संभल में विवाहिता ने फांसी लगाकर जान दी:देवरानी से विवाद के बाद JNM छात्रा का फंदे के लटका मिला शव, ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →संभल जिला मुख्यालय से करीब 47 किलोमीटर दूर दुगावर गांव में शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे 22 वर्षीय विवाहिता ने फांसी लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि घटना से करीब दो घंटे पहले उसका अपनी देवरानी से विवाद हुआ था। सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर हत्या कर शव को फांसी पर लटकाने का आरोप लगाया है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। देवरानी से झगड़े के बाद कमरे में गई मृतक की पहचान सलोनी पत्नी विपिन कुमार के रूप में हुई है। सलोनी गजरौला के संजीवनी नर्सिंग कॉलेज से जेएनएम फाइनल की पढ़ाई कर रही थी। उसका एक साल का बेटा प्रियांशु है। पति विपिन गांव में ही क्लीनिक चलाता है। सलोनी का मायका अमरोहा के मंडी धनौरा में है।
परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे सलोनी का देवरानी काजल पत्नी रवि कुमार से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद सलोनी कमरे में चली गई और खुद को अंदर से बंद कर लिया। कुछ देर बाद उसने फांसी लगा ली। बेटी का शव देखकर मायके वालों का रो-रोकर बुरा हाल घटना की जानकारी मिलते ही सलोनी के मायके वाले दुगावर गांव पहुंचे।
बेटी का शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर सलोनी की हत्या कर शव को फांसी पर लटकाने का आरोप लगाया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जुटाए साक्ष्य सूचना पर एएसपी उत्तरी कुलदीप सिंह और थाना प्रभारी सुधीर पंवार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच कराई।
फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने रात करीब 9:15 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एएसपी ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। एएसपी उत्तरी कुलदीप सिंह ने बताया कि महिला ने कमरे में बंद होकर खुदकुशी की है। उसने किन परिस्थितियों और किस वजह से यह कदम उठाया, इसकी जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि परिजनों की ओर से अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
इस दुखद घटना से हमें यह सिखने को मिलता है कि घरेलू विवादों को शांतिपूर्ण मार्ग से सुलझाना ज़रूरी है। संवाद, परामर्श और कानूनी सहायता से मतभेदों का समाधान संभव है। जब भावनाएँ उबलें, तो गुस्सा नियंत्रित रखकर किसी विश्वसनीय सलाहकार या परिवार के किसी सदस्य से बात करें। समाज में सहानुभूति और समझदारी बढ़ाने से ऐसी त्रासदियाँ रोकी जा सकती हैं।