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संजय अवस्थी ने राज्य स्तरीय सायरोत्सव की प्रथम सांस्कृतिक संध्या का किया शुभारम्भ

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
संजय अवस्थी ने राज्य स्तरीय सायरोत्सव की प्रथम सांस्कृतिक संध्या का किया शुभारम्भ

सितंबर 18, सोलन (हिमाचल प्रदेश): अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि मेले एवं त्यौहार हमारी समृद्ध संस्कृति के परिचायक हैं। संजय अवस्थी गत रात्रि राज्य स्तरीय सायरोत्सव मेले की प्रथम सांस्कृतिक संध्या का शुभारम्भ करने के उपरांत उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे। संजय अवस्थी ने राज्य स्तरीय सायरोत्सव की बधाई देते हुए कहा कि मेलों के माध्यम से लोगों को आपसी मेल-जोल बढ़ाने तथा प्रदेश की लोक संस्कृति और परंपराओं को समझने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मेलों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है ताकि युवा पीढ़ी को अपनी पुरातन संस्कृति से जोड़कर रखा जा सके। उन्होंने कहा कि अर्की का सायरोत्सव अत्यंत प्राचीन है। यह मेला लगभग 388 वर्षों से मनाया जा रहा है और आज भी क्षेत्र की आस्था का प्रतीक बना हुआ है।

विधायक ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र की प्रत्येक ग्राम पंचायत में गत वर्षों में अभूतपूर्व विकास करवाया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल व विद्युत तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। प्रथम सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध गायक गौरव कौंडल, हेमन्त शर्मा, काकू ठाकुर व अन्य स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगों का मनोरंजन किया।

इस अवसर पर विधायक की धर्मपत्नी मीनाक्षी अवस्थी, खण्ड कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष सतीश कश्यप, नगर पंचायत अर्की की अध्यक्ष सीमा शर्मा, पार्षदगण, अडानी सीमेंट प्लांट के मुख्य प्रबंधक सुनील कुमार, उपमण्डलाधिकारी अर्की निशांत तोमर, उप पुलिस अधीक्षक दाड़लाघाट नवीन झालटा, उप पुलिस अधीक्षक सोलन अशोक चौहान, तहसीलदार अर्की विपिन वर्मा, अन्य गणमान्य व्यक्ति व भारी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्देश्य न केवल मनोरंजन है, बल्कि समाज में एकजुटता और सहिष्णुता को बढ़ावा देना भी है। जब लोग एक साथ मिलकर परंपराओं को मनाते हैं, तो वे एक-दूसरे के मतभेदों को समझने और स्वीकार करने के लिए प्रेरित होते हैं। इस प्रकार के मेलों से हम सीखते हैं कि विविधता में सौहार्द और सम्मान का निर्माण संभव है, और यही वह शक्ति है जो समाज को आगे बढ़ाती है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।