सांप ने जमीन पर सो रहे भाई-बहन को डसा:झांसी में भाई ने दम तोड़ा, बहन की हालत नाजुक, 6 महीने पहले हुई थी शादी
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →झांसी से सटे मध्य प्रदेश में जहरीले सांप ने भाई-बहन को डस लिया। दोनों जमीन पर सो रहे थे। पहले भाई के हाथ और फिर कान के पीछे काटा। इसके दो मिनट बाद बड़ी बहन के हाथ में डस लिया। परिजन दोनों को झांसी मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां इलाज के दौरान 16 साल के नैतिक की मौत हो गई, जबकि बहन अंजली (21) की हालत नाजुक बनी है।
उसका इलाज चल रहा है। दोनों के डसने के बाद जहरीला सांप कमरे के अंदर बिल में छुप गया। इससे परिजन दहशत में हैं। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला दतिया जिले के दुरसड़ा थाना क्षेत्र के कुसौली गांव का है। छोटी बहन ने सांप को फेंका दतिया के कुसौली गांव निवासी रामकुमार दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं।
उनकी दो बेटी अंजली (21), कंचन (18), दो बेटे नैतिक (16) और समर (14) थे। अंजली की लगभग 6 महीने पहले शादी हुई थी, जबकि नैतिक गांव के सरकारी स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ता था। मृतक के चाचा राजू अहिरवार ने बताया- रक्षाबंधन पर अंजली मायके आई थी। त्योहार पर उसने दोनों भाइयों को राखी बांधी थी।
अब कुछ दिनों बाद उसे वापस ससुराल जाना था। मंगलवार रात को खाना खाकर पूरा परिवार कमरे के अंदर जमीन पर सो रहा था। देर रात लगभग 2 बजे सांप ने नैतिक के हाथ में डस लिया। थोड़ी देर बाद कान के पीछे सिर में काट लिया। वह छटपटाकर उठ गया और रोने लगा। तभी सांप ने पास में सो रही अंजली के हाथ में डस लिया।
अंजली के चिल्लाने पर छोटी बहन कंचन जाग गई। उसने सांप पकड़कर दूर फेंक दिया। इसके बाद सांप बिल में जाकर छुप गया। गाड़ी का टायर हो गया पंक्चर परिजनों ने बताया- सांप के भाई बहन को डसने के बाद दोनों को निजी गाड़ी से झांसी मेडिकल कॉलेज ला रहे थे। लेकिन रास्ते में गाड़ी का टायर फट गया। परिजन किसी तरह दोनों को झांसी मेडिकल कॉलेज लेकर आए।
यहां पर इलाज के दौरान नैतिक की मौत हो गई, अभी अंजली की हालत नाजुक बनी हुई है। नैतिक की मौत के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। बेटे नैतिक की मौत और बेटी अंजली की हालत नाजुक देखकर मां किरन बेसुध हो गई। घटना के समय पिता रामकुमार दिल्ली में थे। वे भी घर के लिए रवाना हो चुके हैं।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
सर्प के घातक हमले से बचाव हेतु घर के भीतर सुरक्षित माहौल बनाना अनिवार्य है। परिवारों को एक-दूसरे के प्रति सहानुभूति और सावधानी दिखानी चाहिए, ताकि अनजाने में कोई चोट न पहुँचे। यदि किसी को अचानक खतरा महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें और आपातकालीन सेवाओं को बुलाएँ। इस घटना से हमें यह सीख मिलती है कि जीवन की रक्षा के लिए जागरूकता और त्वरित कार्रवाई सबसे प्रभावी हथियार हैं।