संपादकीय : देवता क्यों कुपित हुए?
NEWS
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने जिस उद्देश्य से सार्वजनिक गणेशोत्सव की शुरुआत की थी, उन राष्ट्रीय और सामाजिक कारणों को दरकिनार करने का काम पिछले कुछ समय से चल रहा है। इसके लिए राजनेता, भक्त और कॉर्पोरेट उद्योग जिम्मेदार हैं। सार्वजनिक गणेशोत्सवों से ‘प्रबोधन’ (जनजागरण) का आंदोलन पीछे छूट गया और स्पर्धा शुरू हो गई। [...]
📡 स्रोत: NewsData.io