सांसद खुद सपा का प्रचार कर रहे हैं:वीडियो विवाद के बाद बोले भाजपा पार्षद; कहा-उनके पेड ट्रोलर पर हमारी जनता भारी
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →भाजपा सांसद एवं पार्षद के बीच जलभराव के मुद्दे पर हुए विवाद का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों से बहस छिड़ी है। इस बीच यह वीडियो वायरल क्यों हुआ, पार्षद की सपा से क्या वाकई नजदीकी है, भविष्य के प्लान क्या हैं, आदि सवालों का जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर ने पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी से बातचीत की।
पार्षद ने दो टूक शब्दों में कहा कि सांसद तो खुद सपा का प्रचार कर रहे हैं। जनता की समस्या उठाने पर सपा ज्वाइन करने वाली बात कह वह यह साबित करने का प्रयास कर रहे हैं कि जनता की आवाज सपा के लोग उठाते हैं। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों की ओर से नैतिकता के सवाल पर आलोचना करने की बाबत पार्षद ने कहा कि वे सभी सांसद के पेड ट्रोलर हैं, उनसे कोई फर्क नहीं पड़ता।
उनके पेड ट्रोलर पर हमारी जनता भारी है। पेड ट्रोलर से कुछ नहीं होगा। अब पढ़िए पार्षद से पूछे गए सवाल और उनके जवाब प्रश्न : यह ऑडियो वायरल कैसे हुआ?
पार्षद का जवाब : जब शहर के सभी वार्डों में लोगों के घरों, दुकानों में नाली का पानी बैक फ्लो होने लगा तो मैंने अधिकारियों से बात की। उन्होंने बताया कि वे पैडलेगंज में हैं। वहां जीडीए की ओर से रामगढ़ताल में गिरने वाले नाले पर लगी जाली खोलवा दी गई थी। वहां पहुंचने पर यह जानकारी हुई कि नाले और ताल का वाटर लेवल एक हो गया है, जिससे वार्डों से जल निकासी धीमी हो गई है।
निगम के अधिकारियों ने कहा कि जब तक रेगुलेटर नहीं खोला जाएगा तब तक जलनिकासी नहीं हो पाएगी। यह स्थिति भयावह हो जाएगी। निगम के अधिकारियों ने यह भी कहा कि सिंचाई और पीडब्ल्यूडी के लोग उनकी नहीं सुनते। इसके बाद क्या किया जाए, यह चर्चा करने के लिए तारामंडल के प्रतिष्ठान पर आकर हम बैठ गए। वहां तय हुआ कि सांसद से बात करते हैं।
स्पीकर पर बात हुई, वहां कई यूट्यूबर साथी भी थे, किसी ने बातचीत रिकार्ड कर ली। जब उनसे जनता की समस्या के बारे में बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट सपा ज्वाइन कर लेने की बात कही, जिसपर मैंने भी उनसे बसपा ज्वाइन करने की बात कही। सांसद को नाली, कीचड़ और इंसानों के पसीने से बदबू आती है, इसलिए वह पानी में नहीं उतरते।
पसीने की बदबू वाला उनका ऑडियो भी वायरल हुआ था। इस बार भी जनता की समस्या के बारे में पूछने पर वह तिलमिला गए। वह कभी नाली के पानी में घुसना नहीं चाहते क्योंकि वह अभिनेता हैं लेकिन सांसद होने के नाते एक नेता भी हैं। चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं, उन्हें जनता की समस्या का निराकरण करना चाहिए।
पार्टी और जाति नहीं पूछनी चाहिए। जनता के बीच रहकर काम करें। आगामी 2027 का चुनाव है। सांसद के नाते सबको झेलना पड़ सकता है। प्रश्न : इस मामले में भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े का फोन आया था। क्या बात हुई ?
पार्षद का जवाब : 26 सितंबर को यह घटना हुई थी और 27 सितंबर को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व उत्तर प्रदेश के प्रभारी विनोद तावड़े का फोन आया था। उन्होंने इस घटना के बारे में पूछा। मैंने पूरी बात बता दी है। मुझे मिलने के लिए दिल्ली बुलाया है। बरसात खत्म होने के बाद मैं वहां जाउंगा। प्रश्न : सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सामने भी आपका मामला उठाया गया। उन्होंने सपा ज्वाइन कराने को कहा है। उनकी बातों को किस रूप में लेते हैं, क्या सपा में भविष्य देखते हैं?
पार्षद का उत्तर: फिलहाल मैं भाजपा में हूं। जनता के हितों के लिए काम करना है। मेरे मामले में सपा में क्या चर्चा हुई, इसपर ध्यान नहीं दिया। इस बारे में बाद में देखा जाएगा। प्रश्न : आपके भविष्य का क्या प्लान है?
राजनीतिक महात्वाकांक्षा क्या विधायक का चुनाव लड़ने को प्रेरित कर रही है?
पार्षद का उत्तर : देखिए, पंकज चौधरी भी इसी नगर निगम में पार्षद थे। उसके बाद पार्टी ने उन्हें लोकसभा का टिकट दिया। वह 7 बार सांसद बने, केंद्रीय मंत्री बने और अब प्रदेश के अध्यक्ष हैं। मुझे भी पार्टी मौका देगी तो मैं भी चुनाव लड़ूंगा। प्रश्न : सांसद रविकिशन जलभराव वाले क्षेत्रों में निरीक्षण करने पहुंचे थे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा था कि यह अवसर राजनीति करने का नहीं है। इसमें हम सबको जनता की सेवा में लगना चाहिए। जब राजनीति करने का वक्त आएगा, मंच सजेगा तो राजनीति भी की जाएगी। इस बयान के कैसे देखते हैं?
पार्षद का उत्तर : सांसद मुंबई से राजनीति करने के लिए जौनपुर गए। वहां कांग्रेस केस सिंबल पर चुनाव लड़े और हार गए। उसके बाद गोरखपुर आ गए। जब जनता की सेवा नहीं करनी है तो उन्हें बेवकूफ क्यों बना रहे हैं। अगर राजनीति पसंद नहीं है तो जाएं फिल्ड इंडस्ट्री में जाइए, वहीं कमाइए। इस समय भी वह राजनीति कर रहे हैं।
प्रश्न : सोशल मीडिया पर कई लोग नैतिकता के आधार पर आपके कदम की आलोचना कर रहे हैं। पार्षद का उत्तर : जो नैतिकता का ज्ञान दे रहे हैं, वे सांसद के पेड ट्रोलर हैं। सांसद खुद ही तमाम वीडियो वायरल करते हैं। यह उनके पक्ष का नहीं है, इसलिए उन्हें पीड़ा हो रही है। यदि मेरी बात का सही जवाब दिया होता और पार्टी, जाति की बात किए बिना यह कहते कि चलो चलकर जनता का दुख-दर्द बांटते हैं तो उनके लिए यह वीडियो सकारात्मक हो जाता।
प्रधानमंत्री कहते हैं कि जनता की सेवा करिए और यह जनता को बताएं भी। अब सांसद ने हमारे पीछे पेड ट्रोलर लगाए हैं। ट्रोलर पर हमारी जनता भारी है। पेड ट्रोलरों से कुछ नहीं होगा। प्रश्न : आपकी आगे की क्या प्लानिंग है?
पार्षद का उत्तर : जो हमारे समाज और वार्ड के लोग कहेंगे, उसी के अनुसार हमारा अगला कदम होगा। जो पार्टी कहेगी, वैसा करूंगा। इसके लिए प्रदेश प्रभारी से मिलने जाउंगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी तक मुझे किसी भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी का फोन नहीं आया है।
📡 स्रोत: NewsData.io