'सांसदों पर लाठीचार्ज काला दिवस', 8 अक्टूबर को राज्यों में कांग्रेस का आंदोलन
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली की सड़कें बुधवार को एक बार फिर सियासी संग्राम का अखाड़ा बन गईं.
इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर जाते समय लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया.
राहुल गांधी के साथ कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को भी हिरासत में लिया गया.
हालांकि, कुछ देर बाद दिल्ली पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया.राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस सांसदों ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई.
इस दौरान कई कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हर दिन प्रदर्शन करेंगे.
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राहुल और प्रियंका गांधी के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया और उन पर लाठीचार्ज किया गया. इसे लेकर कांग्रेस 8 जुलाई 2026 को देशभर में काला दिवस मनाएगी.
पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आधिकारिक रूप से ये ऐलान किया है.
कांग्रस के अनुसार, चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग को लेकर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के सांसद शांतिपूर्वक जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे.
सड़क पर लेटकर प्रियंका ने जताया विरोध
राहुल गांधी को एक टेंपो ट्रैवलर में बैठाकर मौके से ले जाया गया.
उनके हिरासत में लिए जाने के बाद कई कांग्रेस कार्यकर्ता वाहन की छत पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे .पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोके जाने पर प्रियंका गांधी ने विरोध जताया. वह सड़क पर लेट गईं.
उनके हाथ में संविधान की प्रति थी. इस दौरान विपक्षी कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी करते रहे. बाद में, राहुल गांधी और कुछ अन्य नेताओं को बाराखंबा थाने ले जाया गया.
प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया. बाद में उन्हें छोड़ दिया गया.
कांग्रेस और विपक्ष के कुछ नेताओं ने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया.
कांग्रेस ने
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर दिल्ली की राजनैतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाती है, जहाँ कांग्रेस के प्रमुख नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को लाठीचार्ज के बाद हिरासत में लिया गया। यह घटना मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के बीच हुई, जिससे राजधानी की सड़कों पर फिर से राजनीतिक संघर्ष का माहौल बना। इस प्रकार के घटनाक्रम से चुनावी प्रक्रिया पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि यह मतदाताओं के बीच अस्थिरता और अनिश्चितता पैदा करता है। आम जनता को इससे चुनावी माहौल में बढ़ते तनाव और राज