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संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाएं विद्यार्थी: उपराष्ट्रपति

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाएं विद्यार्थी: उपराष्ट्रपति

अक्टूबर 06, नई दिल्ली: नई दिल्ली में आज लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय का दूसरा दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। समारोह में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए, जबकि केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार भी मौजूद रहे।

करीब 1,300 विद्यार्थियों की मौजूदगी में आयोजित समारोह में 240 विद्यार्थियों को पीएचडी की डिग्री प्रदान की गई। वहीं, शैक्षणिक सत्र 2024, 2025 और 2026 के 60 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए तीन मेधावी विद्यार्थियों को शंकर दयाल शर्मा पदक भी प्रदान किए गए।

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों से संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। बाइट: सी. पी. राधाकृष्णन, उपराष्ट्रपति

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।