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संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास को गति देने में जुटे उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, पुल और पहुंच मार्ग निर्माण की समीक्षा कर दिए समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास को गति देने में जुटे उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, पुल और पहुंच मार्ग निर्माण की समीक्षा कर दिए समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश

लक्ष्मणबाग से कुठुलिया मार्ग पर बिछिया नदी में बनेगा जलमग्नीय पुल, भूमि अर्जन और एनओसी की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश

भोपाल, 3 नवंबर 2026। रीवा में संस्कृत विश्वविद्यालय के नवीन परिसर तक सुगम आवागमन की सुविधा विकसित करने के लिए उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। मंत्रालय में आयोजित बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्माण से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं समय-सीमा में पूरी कर कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।

प्रस्तावित निर्माण कार्य लक्ष्मणबाग संस्थान की भूमि पर रीवा के लक्ष्मणबाग से कुठुलिया मार्ग में बिछिया नदी पर जलमग्नीय पुल और पहुंच मार्ग के निर्माण से संबंधित है। उपमुख्यमंत्री ने कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए जिला प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने और भूमि अर्जन सहित आवश्यक प्रक्रियाएं प्राथमिकता से पूरी करने को कहा।

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग को भूमि अर्जन के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से निर्धारित समय-सीमा में निर्माण कार्य पूरा कराएं।

भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्वपूर्ण केंद्र तक आवागमन होगा सुगम

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन का महत्वपूर्ण केंद्र है। विश्वविद्यालय के नवीन भवन तक सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पुल और पहुंच मार्ग का निर्माण आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को विश्वविद्यालय के महत्व को ध्यान में रखते हुए निर्माण से संबंधित सभी प्रक्रियाएं प्राथमिकता से पूरी करने के निर्देश दिए।

बैठक में धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।