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संस्कृति मंत्रालय की पहल पर चंदनकियारी में तीन दिवसीय "सरायकेला छऊ" पर कार्यशाला

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
संस्कृति मंत्रालय की पहल पर चंदनकियारी में तीन दिवसीय "सरायकेला छऊ" पर कार्यशाला

संस्कृति मंत्रालय की पहल पर बोकारो के चंदनकियारी में तीन दिवसीय "सरायकेला छऊ" पर कार्यशाला, छऊ नृत्य और संगीत की बारीकियों से रूबरू हो रहे प्रतिभागी, नई पीढ़ी तक छऊ की परंपरा पहुंचाने की पहल, पारंपरिक मुखौटा निर्माण कला को भी मिल रहा बढ़ावा।

Short Headline: संस्कृति मंत्रालय की पहल पर चंदनकियारी में तीन दिवसीय "सरायकेला छऊ" पर कार्यशाला

सरायकेला छऊ कार्यशाला, बोकारो, मनोज

चंदनकियारी में सरायकेला छऊ संगीत पर तीन दिवसीय कार्यशाला

छऊ नृत्य और संगीत की बारीकियों से रूबरू हो रहे प्रतिभागी

नई पीढ़ी तक छऊ की परंपरा पहुंचाने की पहल

पारंपरिक मुखौटा निर्माण कला को भी मिल रहा बढ़ावा

एंकर संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत संचालित संगीत नाटक अकादमी की ओर से बोकारो के छऊ केन्द्र में तीन दिवसीय सरायकेला छऊ कार्यशाला की शुरुआत हुई। इस परंपरा को संरक्षित और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से कार्यशाला में प्रतिभागियों को छऊ नृत्य और संगीत की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है।

होल्ड अप साउंड रिपोर्ट

वीओ 01. संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत संचालित संगीत नाटक अकादमी की ओर से बोकारो के चंदनकियारी स्थित रवीन्द्र भवन छऊ केन्द्र में तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इसमें सरायकेला से पहुंचे ख्यातिप्राप्त कलाकार छऊ नृत्य और संगीत की प्रस्तुति के साथ इसकी परंपरा, शैली और संगीत पक्ष की जानकारी दे रहे हैं।

होल्ड/कार्यक्रम बाइट – डॉ. संजय कुमार चौधरी, समन्वयक, छऊ केंद्र

वीओ 02. स्थानीय स्कूली बच्चों में भी छऊ को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली की सदस्य महापरिषद एवं छऊ केंद्र के समन्वयक डॉ. संजय कुमार चौधरी ने बताया कि कार्यशाला के जरिए युवाओं और स्थानीय प्रतिभागियों को छऊ की सांस्कृतिक और कलात्मक विशेषताओं से जोड़ने का प्रयास किया गया।

बाइट– डॉ. संजय कुमार चौधरी, समन्वयक, छऊ केंद्र

अंतिम वीओ तीन दिवसीय यह कार्यशाला झारखंड की पारंपरिक कला और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक पहल है। इसके माध्यम से छऊ नृत्य, संगीत और मुखौटा निर्माण जैसी परंपरागत कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

बोकारो से मनोज की रिपोर्ट।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।