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सांस्कृतिक विरासत है हिमाचल की पहचान: सुक्खू

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सांस्कृतिक विरासत है हिमाचल की पहचान: सुक्खू

अक्तूबर 27, कुल्लू (हिमाचल प्रदेश): मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने समृद्ध लोक संस्कृति और विशिष्ट देव परंपराओं के लिए प्रसिद्ध कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान ढालपुर रथ मैदान में आयोजित ग्लोबल डांस शो में सहभागिता की। इसके अलावा उन्होंने लेज़र शो व रामायण के प्रसंगों पर आधारित ड्रोन शो को भी देखा l उन्होंने लालड़ी नृत्य में भी भाग लिया l इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों की नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से उभरकर सामने आई सांस्कृतिक विविधता ने इस आयोजन को विशेष बना दिया है।

उन्होंने कहा कि कला की यही विशेषता है कि वह सीमाओं से परे जाकर भावनाओं को जोड़ती है और विभिन्न संस्कृतियों को समझने का अवसर प्रदान करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत हिमाचल की पहचान है और इसका संरक्षण और संवर्धन हम सभी का साझा दायित्व है। मुख्यमंत्री ने भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर में जाकर शीश भी नवाया l वहीं अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा की छठी सांस्कृतिक संध्या में सतिंदर सरताज की सूफियाना महफ़िल ने खूब रंग जमाया l मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे l आज होने वाली अंतिम सांस्कृतिक संध्या में ठाकुर दास राठी, कुशल वर्मा और खुशबू सहित अन्य लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।