संत नगर में डेयरियों से फैलती गंदगी और जलभराव:सड़कों पर गोबर-मूत्र; पूर्व क्रिकेटर की डेयरी से 15 भैंसें शिफ्ट, अभी भी परेशानियां बरकरार
मेरठ के वार्ड नंबर-38 की संत नगर कॉलोनी में डेयरियों के संचालन को लेकर स्थानीय लोगों और डेयरी संचालकों के बीच विवाद चल रहा है। कॉलोनी में 4 डेयरियां संचालित हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि डेयरियों से निकलने वाला गोबर, पशुओं का मूत्र और गंदा पानी सड़कों और खाली प्लॉटों में जा रहा है।
इससे इलाके में जलभराव, फिसलन और बदबू की समस्या बनी हुई है। मकानों में सीलन आ रही है। बच्चों और महिलाओं का सड़क से निकलना भी मुश्किल हो गया है। इनमें पूर्व क्रिकेटर प्रवीण कुमार की प्रॉपर्टी में संचालित डेयरी मुख्य रास्ते के किनारे है। इस डेयरी से निकलने वाली गंदगी मुख्य रास्ते पर आती है।
इससे लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने कई बार डेयरी संचालकों से समस्या का समाधान करने के लिए कहा। लेकिन किसी ने नहीं सुनी। जब कोई समाधान नहीं हुआ तो कॉलोनी के लोग पुलिस चौकी पहुंचे। पुलिस चौकी से भी संतोषजनक समाधान नहीं मिलने पर लोगों ने नगर निगम में शिकायत की।
शिकायत के आधार पर अपर नगर आयुक्त की ओर से डेयरी संचालकों को नोटिस जारी किए गए। उन्हें गंदगी और जल निकासी की समस्या दूर करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया। नोटिस जारी होने के बाद प्रवीण कुमार की प्रॉपर्टी में संचालित डेयरी से करीब 15 भैंसों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया।
लेकिन बाकी तीन डेयरियां अभी भी पहले की तरह संचालित हो रही हैं। ऐसे में गंदगी और जलभराव की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अब कॉलोनी के लोगों की मांग है कि नगर निगम सभी डेयरियों की जांच करे और समस्या का स्थायी समाधान कराए। ऐसे में दैनिक भास्कर की टीम ने संत नगर कॉलोनी में ग्राउंड पर पहुंचकर लोगों से बात की।
स्थानीय लोगों ने डेयरियों से होने वाली परेशानी और अधिकारियों से की गई शिकायत के बारे में बताया। वहीं, उन लोगों ने अपनी बात भी रखी। 'गोबर-मूत्र सड़क पर बहता है, बच्चों-महिलाओं का निकलना मुश्किल' कॉलोनी के लोगों ने बताया कि उन्होंने डेयरी संचालकों से कई बार समस्या का समाधान करने को कहा।
गोबर सड़क पर पड़ा रहता है, भैंसों का मूत्र भी रास्ते पर बहता है। इससे सड़क पर फिसलन रहती है और मक्खी-मच्छर बढ़ गए हैं। बच्चों और महिलाओं का वहां से निकलना मुश्किल हो जाता है। बारिश के दौरान समस्या और बढ़ जाती है। यहां सभी अपने घरों में छोटे-छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्ग के साथ रहते हैं।
ऐसे में डेयरियों की वजह से पैदा होने वाली गंदगी और जलभराव उनके लिए रोज की परेशानी बन गया है। विरोध किया तो जवाब मिला- डेयरी यहीं चलेगी कॉलोनी निवासी मनोज कुमार ने बताया कि गली नंबर-1 के कोने पर संचालित डेयरी से मुख्य रास्ते पर गंदगी आती है।
लोगों ने जब इसका विरोध किया तो पूर्व क्रिकेटर प्रवीण कुमार लड़ने के लिए आ जाते थे। दरअसल ये प्रॉपर्टी प्रवीण कुमार की है, जबकि डेयरी कोई और संचालित करता है। और उस डेयरी को संभालता कोई और परिवार है। तो जब हम डेयरी को विरोध करते तो प्रवीण कुमारी हमेशा हमारी बातों और परेशानियों को अनसुना करते थे।
और कहते थे कि डेयरी ऐसे ही चलेगी और नाली व पानी की निकासी का इंतजाम लोग खुद करें। हमें इससे मतलब नहीं है। हमने सुझाव दिया कि डेयरी से मुख्य नाले तक पाइप डाल दिया जाए, जिससे पानी सड़क पर न आए और जलभराव की समस्या खत्म हो सके। लेकिन इस पर भी समाधान नहीं किया गया।
पुलिस चौकी के बाद नगर निगम में शिकायत मनोज ने बताया कि डेयरी को लेकर प्रवीण कुमार का हस्तक्षेप हमेशा रहता था। कई बार समझाने के बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो कॉलोनी के लोग पुलिस चौकी पहुंचे। वहां से संतोषजनक समाधान नहीं मिलने पर सभी लोग नगर निगम पहुंचे और शिकायत की।
शिकायत के आधार पर अपर नगर आयुक्त की ओर से डेयरियों को नोटिस जारी किए गए। प्रवीण कुमार की डेयरी से 15 भैंसें शिफ्ट नोटिस मिलने के बाद प्रवीण कुमार की प्रॉपर्टी में संचालित डेयरी से पशुओं को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया।
वहीं प्रवीण कुमार की प्रॉपर्टी में चल रही डेयरी में केयरटेकर की भूमिका में रहने वाले परिवार की महिला ने बताया कि वहां करीब 15 भैंसें थीं। इन्हें अब दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। जलभराव के कारण ग्राहकों को डेयरी तक आने-जाने में परेशानी होती थी। इसी वजह से डेयरी को दूसरी जगह ले जाया गया।
यहां सिर्फ मेरी दो गायें अभी बंधी हुईं हैं। एक डेयरी हटने के बाद भी समस्या पूरी तरह खत्म नहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि एक डेयरी से पशुओं को हटाए जाने के बावजूद कॉलोनी की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। बाकी डेयरियों से निकलने वाला पानी और गंदगी अभी भी सड़क और खाली प्लॉटों, गलियों और सड़कों में जाता है।
लोगों की मांग है कि नगर निगम आवासीय क्षेत्र में संचालित सभी डेयरियों की जांच करे और जल निकासी व साफ-सफाई की स्थायी व्यवस्था कराए, ताकि कॉलोनी के लोगों को जलभराव, गंदगी और सीलन की समस्या से राहत मिल सके। अभी भी 3 डेयरी चल रही हैं स्थानीय लोगों के मुताबिक, नगर निगम की ओर से तीन और डेयरी संचालकों को नोटिस दिए गए हैं।
इनमें— शामिल हैं। इन लोगों ने अभी तक डेयरी नहीं हटाई हैं। खाली प्लॉट में पानी भरने से मकानों में सीलन कॉलोनी निवासी सपना ने बताया कि संत नगर में तीन डेयरियां संचालित हो रही हैं। इनसे निकलने वाला पानी सड़कों और खाली प्लॉटों में भर जाता है। और प्लॉट के मालिक को इससे कोई आपत्ति नहीं है।
लेकिन, प्लॉट के बराबर में रहने वाले लोगों का कहना है कि खाली प्लॉट में पानी जमा होने का असर उनके घरों पर पड़ रहा है। कई घरों के बराबर में पानी जमा रहने से दीवारों में सीलन आ गई है। गंदगी के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। क्षेत्र में पीने के पानी में भी बदबू आने लगी है।
पानी भरने से टूटी सड़कें, लोगों ने मिट्टी-ईंट डालकर रास्ता बनाया लंबे समय से पानी भरे रहने की वजह से सड़कें भी टूट गई हैं। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। इसके बाद लोगों ने अपने घरों के सामने मिट्टी और ईंटें डालकर आने-जाने के लिए अस्थायी रास्ता बनाया है।
पहले सड़क पर पानी इतना भरा रहता था कि गड्ढे दिखाई भी नहीं देते थे। एक हफ्ते बाद नगर निगम की टीम करेगी जांच अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी ने बताया कि डेयरी संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस के तीन दिन के अंदर सड़कों पर गंदगी और कूड़ा बहाना बंद करना होगा।
उन्होंने बताया कि नोटिस जारी होने के एक सप्ताह बाद नगर निगम की टीम मौके पर जाकर जांच करेगी। यदि गंदगी फैलाना बंद नहीं किया गया या डेयरी को शिफ्ट नहीं किया गया तो संबंधित के खिलाफ जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
नियमों का पालन नहीं होने की स्थिति में पुलिस की मदद लेकर डेयरी को सील कराने के लिए विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
📡 स्रोत: NewsData.io