संत नगर में सिंधी समाज की महिलाओं ने श्रद्धा से की शीतला सप्तमी की पूजा
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संत नगर। सिंधी समाज की महिलाओं ने शीतला सप्तमी के अवसर पर पारंपरिक विधि-विधान के साथ मां शीतला की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर महिलाओं ने परिवार और बच्चों के सुख, स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की। शीतला सप्तमी की पूजा की परंपरा सिंधी समाज में लंबे समय से चली आ रही है।
मान्यता के अनुसार, मां शीतला की पूजा परिवार को बीमारियों से सुरक्षा और सुख-समृद्धि प्रदान करने के लिए की जाती है। पहले यह पूजा नदी, तालाब और सरोवरों के किनारे की जाती थी, लेकिन अब कई स्थानों पर पंडितों के घरों में पूजा की परंपरा निभाई जाती है। पूजा के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गीतों का गायन किया।
इसके साथ ही मक्खन, पूजा की सामग्री, मीठी कोकी सहित अन्य पारंपरिक प्रसाद पंडित को अर्पित किए गए। शीतला सप्तमी की विशेष परंपरा के अनुसार एक दिन पहले तैयार किए गए पकवानों का ही सेवन किया गया। इन पकवानों को बहन-बेटियों और मंदिरों में भी भेजा गया।
पूजा के समापन पर पल्लव की परंपरा निभाते हुए महिलाओं ने अपने परिवार और बच्चों की लंबी आयु, सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर सिंधी महिला पंचायत की अध्यक्ष किरण वाधवानी ने सदस्यों के साथ कैलाश पंडित के घर पहुंचकर विधि-विधान से मां शीतला की पूजा-अर्चना की।
महिलाओं ने सामूहिक रूप से पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए पर्व मनाया।