संयुक्त राष्ट्र महासभा में विश्व नेताओं ने चेतावनी दी कि AI का बढ़ता उपयोग रोजगार को लेकर अनिश्चितता बढ़ा सकता है
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संयुक्त राष्ट्र महासभा में, विश्व नेताओं ने शिक्षा, कौशल, प्रौद्योगिकी और रोजगार के माध्यम से वैश्विक समृद्धि को गति देने में बढ़ती युवा आबादी की क्षमता का उल्लेख किया। उन्होंने चेतावनी दी कि आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ता उपयोग रोजगार को लेकर अनिश्चितता बढ़ा सकता है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस मानव सशक्तिकरण और आर्थिक समृद्धि के लिए परिवर्तनकारी शक्ति बन सकती है, लेकिन उन्होंने इसके दुरुपयोग से होने वाले नुकसानों के बारे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि देशों को अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप एआई मॉडल विकसित करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।
इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगिओनो ने कहा कि सुदृढ़ता परिवारों के आत्मनिर्भर होने, किसानों के खाद्य उत्पादन करने, श्रमिकों को सम्मानजनक रोजगार मिलने और बच्चों को सीखने तथा अपना भविष्य बनाने के अवसर मिलने से शुरू होता है।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा कि आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस क्रांति से असमानता बढ़ने और युवा पीढ़ी में चिंता बढ़ने का खतरा है।
सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन ने कहा कि लोगों को उभरती प्रौद्योगिकियों को समझने और उनका उपयोग करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए देशों से विज्ञान, बुनियादी ढांचे और कौशल में निवेश करने का आग्रह किया।
चीन ने कहा कि आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस का विकास मानवता के हित में होना चाहिए और इसका उपयोग डिजिटल विभाजन को पाटने में सहायक होना चाहिए।
ज़ाम्बिया के विदेश मंत्री मुलम्बो हैम्बे ने कहा कि अफ्रीका की तेज़ी से बढ़ती युवा आबादी महाद्वीप से कहीं आगे तक अवसरों के द्वार खोलती है।