सपा-BJP के बीच AI वीडियो विवाद पर ओवैसी का रिएक्शन - 'गलती की बात करें तो...'
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उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच AI वीडियो को लेकर चल रही जुबानी जंग पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाए हैं.
दोनों दल सोशल मीडिया पर AI की मदद से एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं.
इसी मुद्दे पर ओवैसी ने कहा कि राजनीतिक दलों को AI के बजाय लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर बात करनी चाहिए.
ओवैसी ने कहा कि अगर गलत कामों की बात करनी है तो मुजफ्फरनगर की घटना और उसके बाद हुए दंगों पर भी चर्चा होनी चाहिए.
उन्होंने मस्जिदों को गिराए जाने, कब्रिस्तानों को हटाए जाने और कथित फर्जी एनकाउंटर जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया.
उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर बात करने के बजाय राजनीतिक बहस AI वीडियो तक सीमित होती जा रही है. ओवैसी ने कहा कि इंसानी जिंदगी से जुड़े सवालों पर चर्चा ज्यादा जरूरी है.
#WATCH | Lucknow, Uttar Pradesh: On the Samajwadi Party and the BJP criticising each other using AI, AIMIM chief Asaduddin Owaisi said, ..If we talk about wrongdoing, Muzaffarnagar was wrong.
If we talk about wrongdoing, the many riots that took place after Muzaffarnagar were pic.twitter.com/Ucab27gQGq
ANI (@ANI) September 20, 2026
AI ध्यान भटकाने का जरिया बन गया- ओवैसी
ओवैसी ने बिजली जैसी बुनियादी समस्याओं का भी जिक्र किया.
उनका कहना था कि जब लोगों से जुड़े कई जरूरी सवाल मौजूद हैं, तब राजनीतिक दल AI को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं.
उन्होंने तंज करते हुए कहा कि AI दोनों पक्षों के लिए लोगों का ध्यान दूसरी तरफ ले जाने का एक अच्छा माध्यम बन गया है.
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📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
AI वीडियो विवाद में सपा और BJP ने एक-दूसरे पर झूठे आरोप लगाने के लिये कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वीडियो का इस्तेमाल किया है, जिससे चुनावी माहौल में असमंजस पैदा हुआ है। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाता है कि डिजिटल तकनीक से चुनावी प्रचार कितना संवेदनशील और विवादास्पद हो सकता है। ओवैसी का रिएक्शन यह संकेत देता है कि जनता को वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि गलत सूचना पर। यदि इस तरह के झूठे वीडियो बढ़ते रहे तो मतदाताओं में भ्रम, अविश्वास और चुनावी भागीदारी पर असर पड़ सकता है,