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सपा छात्र सभा की नीली ड्रेस पर सियासत:भीम आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष बोले- ड्रेस नहीं, विचारधारा और मानसिकता बदलें

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 16 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सपा छात्र सभा की नीली ड्रेस पर सियासत:भीम आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष बोले- ड्रेस नहीं, विचारधारा और मानसिकता बदलें

समाजवादी पार्टी की छात्र सभा के नए ड्रेस कोड को लेकर सियासत गरमा गई है। समाजवादी छात्र सभा ने अब नीली जींस और नीली टी-शर्ट को ड्रेस कोड बनाया है। पार्टी का कहना है कि नीला रंग किसी एक दल का नहीं है और समाजवादी पार्टी बहुरंगी विचारधारा वाली पार्टी है, जिसमें लाल, हरा और नीला समेत सभी रंगों के लिए जगह है।

सपा ने नीली ड्रेस के बाद 15 सितंबर से पूरे प्रदेश में कालेज और यूनिवर्सिटियों में जाकर छात्र-छात्राओं से मिलकर आने वाली सरकार से क्या चाहते हैं, इन मुद्दों के प्रस्ताव नोट करेगी। इसके लिए 15 दिन का अभियान शुरू किया गया है। इसे Gen-Z से जोड़ने से लेकर देखा जा रहा है। भीम आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष कौशल वाल्मीकि ने इसे राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश बताई।

कहा- सिर्फ नीली ड्रेस पहनने से डॉ.

भीमराव आंबेडकर के विचारों से जुड़ाव साबित नहीं होता। सपा पहले अपनी मानसिकता बदले, केवल पहनावा बदलने से किसी विचारधारा से नहीं जुड़ा जा सकता है। सपा बोली- कॉलेजों में छात्र जींस-टीशर्ट में मिल रहे हैं समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश सचिव सिराज हुसैन ने ड्रेस कोड में बदलाव की वजह बताते हुए कहा कि आज कॉलेज और यूनिवर्सिटी में ज्यादातर युवा जींस और टी-शर्ट में नजर आते हैं।

ऐसे में छात्रों के बीच आसानी से घुलने-मिलने के लिए छात्र सभा ने नई ड्रेस चुनी है। उन्होंने कहा- ‘नई सपा, नए लोग और नई Gen Z है, इसलिए ड्रेस भी नई है।’ इसका किसी दूसरी पार्टी के रंग से कोई लेना-देना नहीं है। सिराज हुसैन ने कहा- समाजवादी पार्टी ने 15 सितंबर से 15 दिन का अभियान चलाएगी।

इसके तहत कॉलेज, यूनिवर्सिटी और हॉस्टलों में जाकर Gen Z के युवाओं से संवाद किया जाएगा। उन्हें सपा सरकार के दौरान किए गए कामों के बारे में बताया जाएगा और पार्टी से ज्यादा से ज्यादा युवाओं को जोड़ने का प्रयास होगा। ‘लैपटॉप, कन्या विद्या धन और पढ़ो बेटी-बढ़ो बेटी बताएंगे’ सिराज हुसैन ने कहा- अभियान के दौरान युवाओं को बताया जाएगा कि अखिलेश यादव सरकार में छात्रों के लिए क्या काम किए गए।

उन्होंने लैपटॉप वितरण, कन्या विद्या धन और ‘पढ़ो बेटी, बढ़ो बेटी’ जैसी योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले Gen Z से सुझाव भी लिए जाएंगे। युवाओं से पूछा जाएगा कि वे सरकार से क्या चाहते हैं। अच्छे सुझावों को पार्टी के घोषणापत्र में शामिल करने की बात कही गई है। अब पढिए भीम आर्मी और भाजपा ने जो कहा भीम आर्मी का पलटवार- ‘नीली ड्रेस से विचारधारा नहीं बदलती’ भीम आर्मी प्रदेश अध्यक्ष कौशल वाल्मीकि ने सपा के नीले ड्रेस कोड पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव राजनीतिक लाभ के लिए नीला रंग अपना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ.

आंबेडकर के नाम और विचारों से जुड़ना सिर्फ ड्रेस पहनने से संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा को अब आंबेडकरवादी समाज की ताकत का एहसास हो रहा है, इसलिए नीले रंग का सहारा लिया जा रहा है। बाल्मीकि ने कहा कि नीली ड्रेस पहनना आसान है, लेकिन नीले रंग से जुड़े सम्मान और स्वाभिमान के लिए लड़ना मुश्किल है।

उनके मुताबिक आंबेडकरवादी समाज यह समझ चुका है कि उसके हितों के लिए कौन खड़ा है। ‘ड्रेस नहीं, मानसिकता बदलने की जरूरत’ भाजपा नेता शिवांग मिश्रा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी को ड्रेस बदलने के बजाय अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए थी। उन्होंने सपा के पुराने बयानों और नेताओं को लेकर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि सिर्फ पहनावा बदलने से सपा की छवि नहीं बदलेगी। उत्तर प्रदेश की जनता सपा की विचारधारा और उसके नेताओं के पुराने बयानों और विवादों को जानती है। शिवांग ने कहा कि Gen Z समेत अलग-अलग वर्गों के युवा भाजपा से लगातार जुड़ रहे है। सपा के नीले रंग पर क्यों है सियासत?

समाजवादी पार्टी की छात्र सभा का ड्रेस कोड नीला किए जाने के बाद राजनीतिक चर्चा इसलिए तेज हुई है क्योंकि नीला रंग लंबे समय से दलित और आंबेडकरवादी राजनीति के प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल होता रहा है। इसे बसपा के झंडे से जोड़कर देखा जाता रहा है, ऐसे में भाजपा और भीम आर्मी ने सपा के इस फैसले को राजनीतिक से जोड़कर निशाना साधा।

📡 स्रोत: NewsData.io

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