सरकार की जेट फ्यूल स्कीम से कंपनियों ने फेरा मुंह, फ्लाइट टिकट पर बड़ी खबर
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सरकार की जेट फ्यूल यानी ATF की कीमतों को लेकर बनाई गई स्कीम को अब तक एयरलाइंस की तरफ से कोई खास रिस्पॉन्स नहीं मिला है. किसी भी एयरलाइन ने अभी तक इस योजना का इस्तेमाल नहीं किया है. वहीं, ATF के दाम कम होने के बीच सरकार अब इस स्कीम की जरूरत और आगे इसे जारी रखने को लेकर फिर से विचार करने वाली है.
सरकार ने साफ किया है कि ATF की ये स्कीम फिलहाल बंद नहीं की गई है. लेकिन ईंधन की मौजूदा कीमतों और एयरलाइंस की तरफ से इसे इस्तेमाल नहीं किए जाने को देखते हुए सरकार आगे इसकी जरूरत पर फैसला करेगी.
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विमानन मंत्री ने कहा कि सरकार ने इस योजना को बंद नहीं किया है. लेकिन, जिस तरह से ATF के दाम लगातार कम हो रहे हैं, उसे देखते हुए अब इसकी जरूरत को फिर से देखा जाएगा. उन्होंने बताया कि अभी तक किसी भी एयरलाइन ने इस योजना का इस्तेमाल करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है.
हवाई किराए के बारे में मंत्री ने बताया कि आमतौर पर एयरलाइंस मांग और सीटों की उपलब्धता के हिसाब से टिकट के दाम फिक्स करती हैं. इसे डायनेमिक प्राइसिंग कहा जाता है. लेकिन, अगर किसी खास या मुश्किल हालात में किराए बहुत ज्यादा बढ़ते हैं, तो सरकार इसमें दखल दे सकती है और किराए की सीमा फिक्स कर सकती है.
पायलटों की ड्रग टेस्टिंग बढ़ाने पर विचार सरकार पायलटों की ड्रग टेस्टिंग को भी बढ़ाने की तैयारी कर रही है. इसके लिए DGCA और एयरलाइंस के साथ पूरे साल अचानक टेस्ट करने के योजना पर बातचीत चल रही है. अभी 10% पायलटों की डोप टेस्टिंग जरूरी है. सरकार इसे बढ़ाकर 100% करने पर विचार कर रही है.
इसके अनुसार पूरे साल मे अलग अलग समय पर अचा
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar